पड़ताल : कैशलेस हो गया बिहार, पैसे के लिए हाहाकार, ATM-ATM भटक रहे हैं लोग

लाइव सिटीज डेस्क : देश की तरह कैश किल्लत से एक बार फिर पूरा बिहार त्राहिमाम कर रहा है. कहीं एटीएम में नो कैश का बोर्ड टंग गया है तो कहीं एटीएम में लिंक ही नहीं है. गांवों में एटीएम अघोषित बंद की स्थिति है. बैंकों में रकम रहते हुए भी लोग अपने पैसों के लिए ही दर-दर भटक रहे हैं. लाइव सिटीज ने जब इस पर पड़ताल की तो जिलों से चौंकाने वाली रिपोर्ट आ रही है. खगड़िया, समस्तीपुर, मुंगेर, गोपालगंज, वैशाली समेत तमाम जिलों में कैश किल्लत की भयावह स्थिति है. कहीं-कहीं ग्रामीण क्षेत्रों में तो बैंकों की स्थिति और भी लचर है.

खगड़िया से प्रतिनिधि मनीष कुमार बताते हैं कि शहर में नोटबंदी जैसी स्थिति हो गयी है. खाताधारियों को अपने ही पैसों के लिए बैंककर्मियों से आरजू-मिन्नतें करनी पड़ रही हैं. एटीएम से कैश की जगह सिर्फ पर्ची निकल रही है. जैसे ही खबर मिलती है कि फलां एटीएम में पैसे डाले गये हैं, लोग पैसे निकालने के लिए काम-धाम छोड़कर एटीएम पर लगी कतार में लग जाते हैं.

खगड़िया का हाल

उन घरों में तो काफी दिक्कतें हो रही हैं, जिनके यहां शादी समारोह है. मरीजों को भी परेशानी हो रही है. जिला मुख्यालय से और भी बदतर स्थिति अनुमंडल व प्रखंडों में है.

जमुई से प्रतिनिधि राजेश कुमार बताते हैं कि जिले में शायद ही कोई एटीएम मिल जाए, जहां पैसा निकलता हो. अपना पैसा निकालने के लिए लोग पड़ोसी जिलों शेखपुरा व लखीसराय का चक्कर लगा रहे हैं. लेकिन उन जिलों की भी कमोबेश यही स्थिति है. जमुई में तमाम एटीएम में कैश किल्लत का संकट एक पखवारे से चल रहा है. पहले तो मार्च क्लोजिंग की बात कहकर बैंक कर्मी एटीएम में पैसे नहीं होने की बात कह रहे थे, पर अब वे जवाब नहीं दे पा रहे हैं. जमुई मुख्यालय में विभिन्न बैंकों के कुल 15 एटीएम हैं. शहर में एक्सिस बैंक, एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक, आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम खुले तो हैं, पर सब जगह नो कैश वाली स्थिति है.

जमुई का हाल

समस्तीपुर से राजू गुप्ता ने जो रिपोर्ट भेजी है, वह बताने के लिए काफी है कि लोगों को पैसों के लिए कितनी परेशानी हो रही है. समस्तीपुर जिला मुख्यालय हो अथवा रोसड़ा, नरहन, हसनपुर का इलाका, कहीं भी एटीएम में पैसे नहीं हैं. रोसड़ा के लोगों के अनुसार शहर में नोटबंदी जैसे हालात हो गये हैं. अधिकतर एटीएम में no cash का बोर्ड टंगा हुआ है. समस्तीपुर जिले में दर्जन भर से अधिक बैंक हैं, जबकि एटीएम की संख्या लगभग 200 है. पैसों के अभाव में स्टूडेंट से लेकर मरीज तक परेशान हैं.

समस्तीपुर का हाल

गोपालगंज से भी कुछ ऐसी ही रिपोर्ट मिली है. गोपालगंज प्रतिनिधि के अनुसार जिले के बैंकों में नोट की समस्या उत्पन्न हो गई है. एटीएम में डालने के लिए बैंकों के पास बड़े नोट नहीं हैं. गोपालगंज में यह स्थिति लगभग माह भर से है. बैंकवालों का कहना है कि जब तक रिजर्व बैंक से नोटों की मोटी खेप नहीं मिलती, तब तक प्रॉब्लम दूर नहीं होगी. सेंट्रल बैंक के शाखा प्रबंधक दीपक मिश्रा बताते हैं कि नोटबंदी के बाद से 500 व 2000 के जितने नोट शहर में विभिन्न शाखाओं के माध्यम से वितरित किए गए हैं, वे वापस बैंकों को नहीं आ रहे हैं. छोटे नोटों से काम चलाया जा रहा है. 100, 50 व 200 के नोटों से लोगों की किसी तरह डिमांड पूरी की जा रही है.

गोपालगंज का हाल

मुंगेर के हवेली खड़गपुर से पत्रकार संजीव कुमार और शैलेश सोनू की मानें तो बाजार में सिक्कों की भरमार है, तो कैश की किल्लत हो गयी है. जनता त्राहिमाम कर रही है. जिनके घर में शादी विवाह है, वे लोग बैंकों में मानो धरना देकर बैठे हुए हैं. बैंक वाले हाथ खड़े कर लेते हैं. लोग जिद करते हैं तो बैंक कर्मी हाथ जोड़कर एक ही रट लगाते हैं कि नगदी ऊपर से ही नहीं आ रहा है. नोकझोंक के बाद भी मुश्किल से 5000 रुपये भुगतान को वे तैयार होते हैं. मुंगेर के हवेली खड़गपुर स्थित एसबीआई के मैनेजर प्रशांत कुमार कहते हैं कि लगभग 3 माह होने को है, ऊपर से कैश आ ही नहीं रहा है.

हवेली खड़गपुर का हाल

बेगूसराय से बिनोद कर्ण बताते हैं कि जिला मुख्यालय में तो कुछ स्थिति ठीक है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में नोटों की भारी किल्लत है. खासकर बखरी में ​तो स्थिति बिल्कुल ही खराब है. बैंक ऑफ़ इंडिया बखरी शाखा के मैनेजर श्रीनिवास कुमार कहते हैं कि उनके बैंक का एटीएम पिछले 10 दिनों से बंद है. पर्याप्त रुपए भेजने के लिए वरीय अधिकारियों को सूचना दी गई है, लेक़िन अब तक राशि उपलब्ध नहीं कराने के कारण एटीएम में रुपये नहीं डाले गए हैं. बखरी बाज़ार स्थित यूको बैंक की गंगरहो शाखा के प्रबंधक चंद्रमौली सिंह कहते हैं कि एटीएम मशीन में लोकल फॉल्ट के कारण मशीन का संचालन नहीं हो पा रहा है. यह 15 दिनों से खराब है. इसी तरह सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम 4 दिनों से खराब है. केवल पीएनबी का एटीएम काम कर रहा है.

बहरहाल मधुबनी, छपरा, लखीसराय, शेखपुरा, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, भागलपुर, कटिहार, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, रोहतास, नालंदा जैसे जिलों से भी कैश किल्लत की रिपोर्ट आ रही है. लाइव सिटीज की पड़ताल में बैंककर्मियों ने जहां ऊपर से ही नोट नहीं आने की बात कही, तो लोगों ने कहा कि नोटबंदी से भी बदतर स्थिति हो गयी है. अपने पैसों के लिए ही हमें भटकना पड़ रहा है. पूरी व्यवस्था चौपट हो गयी है.

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