नहाय खाय के साथ चैती छठ शुरू, गंगा में लगी आस्था की डुबकी, इन घाटों पर न जाएं

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : नहाय खाय के साथ बुधवार से लोकआस्था का महापर्व चैती छठ शुरू हो गया. इसे लेकर पटना में घाटों को प्रशासनिक स्तर पर दुरुस्त कर लिया गया है. वहीं कई खतरनाक घाटों को चिह्नित भी कर दिया गया है. खतरनाक घाटों से छठव्रतियों को जाने से प्रशासन ने मना कर दिया है. बता दें कि चैती छठ का समापन शनिवार को उदयगामी सूर्य को अर्घ्य देने के साथ होगा. वहीं गुरुवार को खरना तथा शुक्रवार को भगवान सूर्य के अस्ताचलगामी रूप को छठव्रती अर्घ्य देंगे.

नहाय खाय को लेकर सुबह से ही गंगा घाटों पर छठव्रतियों की भीड़ लगी है. गंगा स्नान के बाद व्रती अरवा चावल और कद्दू की बनी सब्जी के साथ चने की दाल का प्रसाद बना कर सूर्य भगवान को भाेग लगा रहे हैं. इसके बाद प्रसाद को ग्रहण कर नहाय-खाय का व्रत पूरा होगा. इसी तरह 22 मार्च गुरुवार को छठव्रती दिन भर निर्जला उपवास रखेंगे और शाम में खीर व रोटी का भोग लगा कर खरना का अनुष्ठान पूरा करेंगे.

इसके बाद 23 मार्च को 36 घंटे का निराहार आरंभ हो जायेगा. शुक्रवार को छठ व्रती अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगे. उस दिन सुबह से गुड़ आैर आटे के ठेकुए बनाए जाएंगे. इसके बाद बांस के सूप को प्रसाद से सजा कर अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को व्रती अर्घ्य देंगे. इसके बाद शनिवार को उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा. इसके बाद लोगों के बीच प्रसाद का वितरण होगा. इस तरह शनिवार को चार दिवसीय चैती छठ का समापन हो जायेगा.

उधर चैती छठ को लेकर गंगा घाटों की तैयारी की जा रही है. इसे लेकर पटना के डीएम कुमार रवि ने राजधानी के कई छठ घाटों का जायजा लिया. दीघा के पाटीपुर से लेकर कलेक्ट्रेट घाट तक के हाल को उन्होंने निरीक्षण किया. गौरतलब है कि शहर में कुल 15 घाट बेहतर बने हैं. घाटों के निरीक्षण के दौरान डीएम ने कहा कि कुर्जी घाट छठ के लिए बेहतर नहीं है. इसे बंद कर दिया गया. उन्होंने व्रतियों से अपील की कि वे घाटों के अलावा तालाबों में छठ करें.

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार दीघा पाटीपुल घाट, दीघा गेट नंबर 92 घाट एवं दीघा गेट नंबर 93 घाट, सूर्य मंदिर गेट नंबर 83 घाट, मखदूमपुर घाट, गेट नंबर 88 घाट, एलसीटी घाट, बांस घाट, कलेक्ट्रेट घाट, महेन्द्रु घाट, गांधी घाट, लॉ कॉलेज घाट, रानी घाट, बालू घाट, घघ्घा घाट, रोशन घाट, जगन्नाथ घाट, किला घाट, चौधरी टोला घाट, देवराहा बाबा घाट, राजा घाट, गाय घाट, भद्र घाट, महाराज घाट एवं महावीर घाट सुरक्षित हैं. यहां छठ व्रत किये जा सकते हैं. वहीं असुरक्षित घाटों में शिवा घाट, कुर्जी मोड़ घाट, मीनार घाट, पटना कॉलेज घाट, पथरी घाट, काली घाट, मीनार घाट, दुजरा पहलवान घाट, बांकीपुर क्लब घाट, मिरचाई घाट, खालेकलां घाट, नया पंचमुखी घाट, जजेज कोर्ट घाट, अदालतगंज घाट, बंशी घाट, टीएन बनर्जी घाट, नौजर घाट, मिटन घाट, केशवराय घाट, पीर दमडि़या घाट, कंगन घाट, सीता घाट एवं सीढ़ी घाट शामिल हैं.

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