CM की समीक्षा बैठक में पटना मेट्रो पर भी चर्चा, पढ़ें कहां तक पहुंची बात

लाइव सिटीज डेस्क : बिहार में मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर मामला खिंचता ही जा रहा है. पुराने प्रस्ताव के कारण यह मामला एक बार फिर अटक गया है. हालांकि इसे लेकर बिहार सरकार गुरुवार को गंभीर दिखी और केंद्र की शर्तों के आधार पर अब नया प्रस्ताव भेजने की तैयारी की जा रही है. इससे उम्मीद की जा रही है कि अब इसमें कोई अड़चन नहीं आयेगी.

मेट्रो पर नया प्रस्ताव

बता दें कि आज गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में नगर विकास विभाग की पटना में समीक्षा बैठक हुई. इसमें पटना मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर भी चर्चा हुई. बैठक के बाद मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा नयी मेट्रो नीति बनायी गयी है. उसी के आधार पर राज्य सरकार अपने प्रस्ताव में सुधार करेगी और इसका फाइनल प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजेगी. नयी मेट्रो नीति के आने के बाद उसके अध्ययन के आधार पर पुराने प्रोजेक्ट में संशोधन किया जायेगा.

CM1
समीक्षा बैठक ककरते CM

मास्टर प्लान हो रहा तैयार

इसके अलावा मुख्य सचिव ने कहा कि पटना का मास्टर प्लान तैयार कर लिया गया है, उसी तरह से बाकी शहरों के लिए भी मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है. इससे नक्शा पास करने तथा उसे रेगुलेट करने में सहुलियत होगी. उन्होंने बताया कि बिहार में तीन शहरों  भागलपुर, पटना एवं मुजफ्फरपुर को स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल किया गया है. साथ ही बिहारशरीफ भी इस सूची में शामिल होने के कगार पर है.

मुख्य सचिव ने बताया कि शहरों के मुहल्लों के अंदर की बड़ी सड़कें जो दो-तीन वार्ड से गुजरती है, वैसी सड़कों की मरम्मति/निर्माण अब विधायक एवं सांसद निधि के तहत लिया जा सकता है. उन्होंने बताया कि सिवरेज, ड्रेनेज एवं जलापूर्ति योजनाओं में किसी भी सड़क पर ढ़ाई सौ मीटर से आगे कार्य करने के पूर्व कटे हुये रोड का पूर्ण रेस्टोरेशन को अनिवार्य बनाने के लिये दिशा-निर्देश निर्गत करने पर सहमति दी गई.

शवदाह और कचरा प्रबंधन पर निर्देश

मुख्य सचिव ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में शवदाह गृहों के संबंध में भी कई निर्देश दिये गये हैं. सभी जगह विद्युत शवदाह गृह के साथ-साथ आवश्यकतानुसार पारंपरिक (लकड़ी का) तरीके से शव जलाने की व्यवस्था हेतु छोटे-छोटे चबूतरे (शेड) का निर्माण कराया जायगा. इस दौरान कचरा प्रबंधन को लेकर भी चर्चा हुई.

कचरा प्रबंधन के संबंध में मुख्य सचिव ने बताया कि इसके लिये दो माॅडल मुजफ्फरपुर माॅडल एवं सिलाव माॅडल बनाये गये हैं. सिलाव माॅडल छोटे स्तर पर कचरा प्रबंधन के लिये है. जिसमें हर दुकानदार को दो प्लास्टिक की बाल्टी दी जाती है, जिसमें वो सुखा एवं गीला कचरा अलग-अलग रखते हैं. मुख्य सचिव ने बताया कि शहर के नाली के पानी को ट्रिटमेंट करने के बाद उसका उपयोग अब खेती के लिये किया जायेगा. विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है.

बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद कक्ष में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग तथा नगर विकास एवं आवास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षात्मक बैठक की. समीक्षा बैठक में संबंधित विभागों के सभी बिन्दुओं पर विस्तृत चर्चा की गई. इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये गये. राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक के संबंध में यहां क्लिक कर पढ़ें.

समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, संबंधित विभागों के मंत्री – राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रामनारायण मण्डल, नगर विकास एवं आवास मंत्री सुरेश शर्मा, विकास आयुक्त शिशिर सिन्हा, प्रधान सचिव मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन आमिर सुबहानी, प्रधान सचिव राजस्व एवं भूमि सुधार विवेक कुमार सिंह, प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास चैतन्य प्रसाद, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अतीष चन्द्रा, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह सहित राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग तथा नगर विकास एवं आवास विभाग के अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे.

यह भी पढ़ें – फिर लटका पटना का मेट्रो प्रोजेक्ट, अब ये हैं मुश्किलें

(लाइव सिटीज मीडिया के यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*