नीतीश पर शरद गुट का हमला, कहा- नदंन गांव के लोगों को किया जा रहा है प्रताड़ित

लाइव सिटीज पटना : सरकार और प्रशासन नंदन गांव के महादलित लोगों के साथ आतंकियों की तरह व्यवहार कर रही है. जिला प्रशासन महादलित टोले के लड़कियों, महिलाओं और नौजवानों के साथ-साथ नाबालिग बच्चों पर जबरन नेम्ड एफआईआर दर्ज कर उन्हें प्रताड़ित कर रहा है. उक्त बातें गुरुवार को जदयू के पूर्व राज्यसभा सांसद एवं जनता दल यूनाइटेड शरद गुट के नेता अली अनवर ने कहीं. वे पटना में मीडिया से रूबरू हो रहे थे.

उन्होंने कहा कि शरद यादव के कहने पर मैं पूर्व सांसद अर्जुन राय और राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य इंजीनियर संतोष यादव के साथ बक्सर जिले के नंदन गांव गया था. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफिले पर हुए हमले और उसके बाद से हो रहे पुलिसिया दमन को लेकर हमने गांव के तथा आसपास के लोगों से बातचीत की. इसमें कई सारी महत्वपूर्ण जानकारियां निकल कर आई हैं. उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी बात कि इस पूरे क्षेत्र में विकास नाम की कोई चीज नहीं है. इस गांव में सड़क, बिजली और पानी की कोई व्यवस्था नहीं है. यानी मुख्यमंत्री विकास की समीक्षा यात्रा का एक नाटक कर रहे हैं. वहीं नंदन गांव के पुलिसिया दमन को देख कर लगता है कि अन्याय के साथ विकास अब इनका नारा रह गया है.

अली अनवर ने कहा कि नंदन गांव से जब मुख्यमंत्री का काफिला गुजर रहा था तो वहां के लोगों ने विनम्रतापूर्वक आग्रह किया कि सर आइए और हमारे यहां भी विकास कार्यों को देखिए, लेकिन जिला प्रशासन ने उन्हें हटा दिया और जब शाम में काफिला लौट रहा था तो उसी दौरान कुछ लोगों ने रोड़ेबाजी की. इसके बाद इस गांव में पुलिसिया दमन शुरू हुआ है. सैकड़ों लोगों के नाम एफआईआर में डाल दिया गया है.

पूर्व सांसद अर्जुन राय ने कहा कि पुलिसिया दमन का आलम यह है कि एक पत्थरबाजी की घटना पर डुमरांव थाने में पांच एफआईआर दर्ज हुए हैं, जिनमें 102 को नामजद किया गया है, वहीं 500 अज्ञात हैं. इसके साथ ही अभी तक 29 लोगों की गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जो यह दर्शाता है कि यह सरकार दलित विरोधी है. उन्होंने कहा कि बिहार के इतिहास में किसी भी सरकार के द्वारा आज तक इस तरह से महादलितों पर अत्याचार नहीं किया, जितनी नीतीश कुमार की सरकार ने किया है. महिलाओं के साथ जिस तरह से पुलिस ने दुर्व्यवहार किया वह शर्मनाक है.

उन्होंने कहा कि गिरफ्तार लोगों को बिना शर्त तुरंत रिहा किया जाए और पूरे मामले की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराई जाए. उधर जदयू (शरद गुट ) के नेता औऱ राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य इंजीनियर संतोष यादव ने कहा कि नीतीश सरकार का चरित्र दलित महादलित विरोधी है. हमलोग पुलिसिया दमन का विरोध करते हैं और गिरफ्तार लोगों की अविलंब रिहाई की मांग करते हैं.

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