रह-रह कर ‘गरमा’ जाते हैं जीतनराम मांझी, अब इस मामले पर हो गये गरम

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जीतन राम मांझी (फाइल फोटो)

लाइव सिटीज डेस्क : बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी रह-रह कर ‘गरमा’ जा रहे हैं. उनके बयानों में गरमाहट साफ दिख जा रही है. यही वजह है कि एनडीए के घटक दलों में शामिल रहने के बाद भी नीतीश सरकार पर निशाना सााधने से नहीं चूकते हैं. लोगों की मानें तो वे इन दिनों ऐसे ही मौकों की तलाश में रहते हैं. शुक्रवार को भी हम के संस्थापक व पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने नीतीश सरकार पर इशारों ही इशारे में निशाना साधने से बाज नहीं आए हैं. उन्होंने नीतीश सरकार के बहाने बिना नाम लिये भाजपा पर भी हमला किया है.

पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने शुक्रवार को सिवान के एक कार्यक्रम में कहा कि जब से बिहार में एनडीए की सरकार बनी है, तब से सूबे में माहौल बिगाड़ने का षडयंत्र शुरू हो गया है. उन्होंने कहा कि बिहार में जानबुझ कर शांति भंग करने की साजिश रची जाती है. पॉलिटिकल कॉरिडोर में हो रही चर्चा की मानें तो जीतनराम मांझी का यह बयान कहीं न कहीं भाजपा पर हमला का संकेत देता है. अक्सर विपक्ष भाजपा पर माहौल खराब करने का आरोप लगातार रहा है.



इतना ही नहीं, जीतनराम मांझी यहीं पर नहीं रुके. उन्होंने शराबबंदी पर भी बड़ा हमला किया. उन्होंने कहा कि शराबबंदी के नाम पर बिहार में छोटे लोगों को तंग किया जा रहा है. पुलिस बड़े तस्करों को नहीं पकड़ रही है. वे केवल छोटे तस्करों को ही निशाना बना रही है. बता दें कि इसके पहले उन्होंने शराबबंदी को बिहार में फेल बताया था. उस समय उन्होंने यह भी कहा कि सूबे के अधिकारी शराब पीते हैं.

गौरतलब है कि 30 नवंबर को पटना में आयोजित धरना कार्यक्रम में हम के संस्थापक व पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने कहा था कि बिहार में लॉ एंड आॅर्डर की स्थिति काफी खराब हो गयी है. हत्या, लूट, छिनतई के मामले बढ़ गये हैं. आपराधिक घटनाओं को रोक पाने में सरकार विफल साबित हो रही है. लोग दहशत में हैं. उन्होंने यह भी कहा था कि लॉ एंड आॅर्डर की तरह बिहार में शराबबंदी भी फेल है. अब आज शुक्रवार को फिर एक बार उन्होंने नीतीश सरकार पर निशाना साधा है.