चारा घोटाला UPDATE : बिरसा मुंडा जेल भेजे गये लालू प्रसाद, अलर्ट मोड में रांची प्रशासन

लाइव सिटीज डेस्क : चारा घोटाला के देवघर कोषागार मामले में दोषी करार दिये गये राजद लालू प्रसाद को फिलहाल रांची के बिरसा मुंडा जेल में भेजा गया है. इसे लेकर रांची प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. वह किसी तरह की कोताही बरतना नहीं चाहता है. वहीं राजद के पदाधिकारी व कार्यकर्ता जुटे हुए हैं. रांची में ही तेजस्वी यादव, रघुवंश प्रसाद सिंह, शिवानंद तिवारी समेत तमाम दिग्गज नेता जमे हुए हैं. उम्मीद जतायी जा रही है कि वे सब 3 जनवरी तक वहीं रह सकते हैं. 3 जनवरी को इस पर सजा सुनाने की बात कोर्ट ने कही है.

सीबीआई कोर्ट के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की कोर्ट ने शनिवार को अपना फैसला सुनाया. बहुचर्चित चारा घोटाला केस में सीबीआई की विशेष अदालत ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को दोषी करार दिया. इसी मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र सहित छह आरोपियों को बरी कर दिया है. दोषी करार दिये जाने के बाद लालू प्रसाद को रांची पुलिस ने हिरासत में लिया है. उन्हें रांची के ही बिरसा मुंडा जेल में रखा गया है. तीन जनवरी को सजा के बिंदु पर सुनवाई होगी.



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उधर रांची में सुरक्षा कड़ी कर दी गयी है. साथ ही जेल के अंदर के साथ ही आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गयी है. पुलिस को भी इसे लेकर किसी तर​ह की कोताही नहीं बरतने के आदेश दिये गये हैं. बता दें कि लालू प्रसाद सहित अन्य आरोपी शनिवार की सुबह 10:30 बजे के आसपास कोर्ट पहुंचे थे. लेकिन फैसले में देरी की वजह से वो गेस्ट हाउस लौट आए थे. इसके बाद फिर तीन बजे के पहले वे दोबारा कोर्ट पहुंचे. वहीं मामले की संवेदनशीलता और हाईप्रोफाइल आरोपियों को देखते हुए रांची पुलिस भी अलर्ट मोड में आ गयी है.

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गौरतलब है कि चारा घोटाले से संबंधित यह देवघर कोषागार से 84.54 लाख रुपये की अवैध निकासी का मामला था. आरसी 64 ए/96 के इस मामले में बुधवार को दोनों पक्षों की बहस समाप्त होते ही सीबीआई कोर्ट ने फैसले की तारीख 23 दिसंबर निर्धारित की थी. इस मामले में संलिप्त लोगों में शुरुआत से अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है. सरकारी गवाह पीके जायसवाल एवं सुशील झा ने निर्णय से पहले ही अपना दोष स्वीकार कर लिया था. अब 21 साल बाद चारा घोटाले के देवघर से जुड़े इस चर्चित मामले में आज शनिवार 23 दिसंबर को फैसला सुनाया गया. इस मामले में सीबीआई ने 23 जुलाई 1997 को चार्जशीट फाइल की थी.

सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत ने फैसले के दिन सभी आरोपियों को निजी तौर पर उपस्थित होने का आदेश दिया था. इनमें लालू प्रसाद यादव, डॉ जगन्नाथ मिश्र, सांसद जगदीश शर्मा, पूर्व सांसद डॉ आर के राणा, बिहार के पूर्व पशुपालन मंत्री विद्या सागर निषाद के अलावा आईएएस अधिकारी एवं पशुपालन अधिकारी का भी फैसला होना था. चारा घोटाला सीबीआई के इतिहास का वो मामला है जिसमें बड़ी संख्या में आरोपियों को सज़ा हुई है.