#SupremeCourt मामले में सामने आए पप्पू यादव, कहा-विशेष लोकसभा सत्र बुलाया जाए, नीतीश पर भी बरसे

पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते मधेपुरा के सांसद पप्पू यादव

लाइव सिटीज पटना : सुप्रीम कोर्ट के जजों की ओर से प्रेस कॉन्फेंस करने के बाद देश की सियासत इस भीषण शीतलहरी में अचानक गरम हो उठा है. नेताओं की इस बयानबाजी शुरू हो गयी है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और जदयू के बागी नेता शरद यादव के बाद अब जन अधिकार पार्टी (लो) के संरक्षक सह सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्‍पू यादव इस मामले में सामने आये हैं. सांसद पप्पू यादव ने शुक्रवार को ही पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पर चिंता जतायी है तथा लोकसभा अध्यक्ष को पत्र भी लिखा है.

सांसद पप्पू यादव ने लोकसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है. पटना में पत्रकारों से चर्चा में उन्‍होंने कहा कि देश का लोकतंत्र खतरे में है. सर्वोच्‍च न्‍यायालय के चार न्‍यायाधीशों ने आज जिस तरह से लोकतंत्र को लेकर चिंता जतायी है, वह गंभीर विषय है. इस पर चर्चा के लिए लोकसभा का विशेष सत्र 48 घंटे के अंदर बुलाया जाना चाहिए, ताकि इस पर मंथन हो सके. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं की रक्षा करना लोकसभा का दायित्‍व है और इस दिशा में हरसंभव प्रयास होना चाहिए.



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इधर मधेपुरा के सांसद पप्पू यादव ने राज्‍य सरकार पर साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके खिलाफ मुख्‍य सचिव व गृहसचिव के निर्देश पर शास्‍त्रीनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. उन्होंने लोकसभा अध्‍यक्ष को लिखे पत्र की कॉपी मीडिया को जारी करते हुए कहा कि लोकसभा के सदस्‍य के रूप में प्राप्‍त अधिकार और कर्तव्‍यों की रक्षा की जिम्‍मेवारी सदन प्रमुख यानी लोकसभा के अध्‍यक्ष की है. उन्होंने कहा कि 7 जनवरी को मैंने आइजीआइएमएस में प्रशासन से लिखित अनुमति के बाद ‘आपका सेवक आपके द्वार’ कार्यक्रम का आयोजन किया था. इसके बाद भी मेरे खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज करवायी गयी. क्‍या सांसद को जनता की मदद करने का अधिकार नहीं है. लोकसभा के अगले सत्र में वे इन मुद्दों को भी उठाएंगे. यदि सासंदों के अधिकारों की स्‍पष्‍ट व्‍याख्‍या नहीं की जाएगी तो वे लोकसभा से इस्‍तीफा भी दे सकते हैं.

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उन्होंने मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार पर आरोप लगाया कि वे दलालों, माफियाओं और बेईमानों से घिरे हुए हैं. आमलोगों की आवाज नहीं सुनी जा रही है. इससे लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि बक्‍सर में मु‍ख्‍यमंत्री के काफिले पर हमला इसी का परिणाम है. मुख्‍यमंत्री को जनभावनाओं का सम्‍मान करना चाहिए और विकास की मूलभूत जरूरतों की ओर ध्‍यान देना चाहिए. दहेज प्रथा और बालविवाह के खिलाफ जागरूकता के लिए बनने वाली मानव ऋंखला सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग है और जनता को इसका विरोध करना चाहिए. प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्‍ट्रीय महासचिव व प्रवक्‍ता प्रेमचंद सिंह, राघवेंद्र कुशवाहा, राजेश रंजन आदि मौजूद थे.

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