‘पटना शहर के नौकरिया जिया जर गईल हमार…’ पर झूम उठा पाटलिपुत्र महोत्सव

लाइव सिटीज पटना : स्थानीय मिलर हाईस्कूल में जनता दल यूनाइटेड के उद्योग प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित पाटलिपुत्र महोत्सव में जहां नए उद्यमियों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने के लिए बहुत अच्छा मौका मिला है, वहीं लोक कलाकार भी मुख्य सांस्कृतिक मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए बिहार की सांस्कृतिक विरासत से लोगों को परिचित करा रहे हैं. समारोह के पहले दिन बिहार की प्रसिद्ध लोकगायिका डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने अपनी टीम के साथ आकर्षक प्रस्तुति दी, जिसमें बिहार के विभिन्न क्षेत्रों के लोक रंग देखने को मिले. लोक गायिका नीतू कुमारी नवगीत ने सबसे पहले आराध्य देव गणेश की वंदना करते हुए गाया- ‘मंगल के दाता रउआ बिगड़ी बनाई जी, गौरी के ललना हमरा अंगना में आई जी’. उसके बाद उन्होंने भोजपुरी के कई पारंपरिक गीतों की प्रस्तुति करके उपस्थित दर्शकों को बिहार की सोंधी माटी की खुशबू से सरोबार कर दिया.



उन्होंने कोयल बिना बगिया ना शोभे राजा, पटना शहर के नौकरिया जिया जर गईल हमार, सैयां झांके नथुनिया हमार नजरिया डाल डाल के डर लागे रे हमरा डर लागे रे हम ने जेबे कोहबर घर हमरा डर लागे रे, सेजिया पर लोटे काला नाग हो कचौरी गली सून कइला बलमू, रेलिया बैरन पिया को लिए जाए रे सहित अनेक प्रसिद्ध लोक गीत प्रस्तुत कर के दर्शकों को झुमने के लिए विवश कर दिया.

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नारी सशक्तीकरण पर जोर देते हुए उन्होंने अपनी गायिकी के दौरान बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का भी संदेश दिया. उन्होंने अपने चर्चित एलबम बिटिया है अनमोल रतन के गीतों के माध्यम से उपस्थित दर्शकों से अपील की कि अपने बच्चों की शादी में ना दहेज लें और न ही दहेज दें. नीतू कुमारी नवगीत की टीम के राजू, शालू और अन्य ने निमिया के डार मैया झुलेली झुलनवा, बहकी बहेला पुरवइया, तोहरे भरोसे बरहम बाबा झिझिया बनावली हो सहित अनेक लोकगीतों पर लोक नृत्य प्रस्तुत करके उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया.

निराले अंदाज में मंच संचालन अनुप्रिया और अभिषेक ने किया. सांस्कृतिक कार्यक्रम में डॉ नीतू कुमारी नवगीत के साथ हारमोनियम पर राकेश कुमार, नाल पर मनोज कुमार सुमन, तबला पर अजय सिंह, कैसियो पर सुजीत कुमार, बांसुरी पर विष्णु थापा और पैड पर संतोष कुमार ने संगत दिया.