पाटलिपुत्रा महोत्सव में मिल रही हैं लोक कलाओं की ट्रेनिंग, महिलाओं की भागीदारी सबसे ज्यादा

लाइव सिटीज, पटना: पाटलिपुत्रा महोत्सव का आज तीसरा दिन है. मिलर हाई स्कूल ग्राउंड में आज धूप निकलने के साथ ही लोग भी जुटने लगे. पिछले दो दिनों से पाटलिपुत्रा महोत्सव पटनाइट्स के लिए शहर का Most Happening Place बना हुआ है. हर रोज यहां कॉलेज स्टूडेंट्स से लेकर वर्किंग पर्सन्स तक महोत्सव की रंगत देखने पहुंचते हैं. और वे आएं भी क्यों नहीं! पटना में पहली बार हो रहे पाटलिपुत्रा महोत्सव में सब कुछ नया है और शायद इसलिए यह इवेंट शहर के लोगों के बीच ‘हॉट टॉपिक’ और महोत्सव स्थल ‘हॉट स्पॉट’ बना हुआ है.

बिहारी लोक कलाओं की दी जा रही है ट्रेनिंग



बिहार के विभिन्न जिलों से आए उद्यमियों के स्टॉल्स हों या फिर लोकल आर्टिस्ट द्वारा नुक्कड़ नाटकों की प्रस्तुति, पटनावासी महोत्सव में होने वाले सभी कार्यक्रमों का भरपूर आनंद ले रहे हैं. धूप खिलते के साथ ही, महोत्सव में लोगों की भीड़ भी बढ़ रही है. खासकर कॉलेज स्टूडेंट्स और महिलाओं का तो हुजूम उमड़ पड़ता है. बच्चों के ज्यादातर स्कूलों में छुट्टियां हो चुकी हैं इसलिए तफरीह के लिए यह महोत्सव उनकी प्रायोरिटी में शामिल हो चुका है. पाटलिपुत्रा महोत्सव में लाइव ट्रेनिंग सेशन से लोगों को बिहारी लोकल आर्ट के स्किल्स की ट्रेनिंग दी जा रही है जिसमें महिलाएं हर रोज नए—नए हुनर सीख रही हैं.

महिलाओं आ रही हैं ग्रुप बनाकर


मन में कुछ सीखने और सिखाने की इच्छा हो तो समय और उम्र कभी बाधा नहीं बनती. इस बात को पाटलिपुत्रा महोत्सव में देखा जा सकता है. हर रोज यहां करीब 20 से 30 कॉलेज स्टूडेंट्स के साथ महिलाओं को भी बिहार लोक कलाओं की ट्रेनिंग दी जा रही है. सात दिनों तक हर रोज महोत्सव में महिला उद्यमियों को बिहारी लोक कलाओं के स्किल्स सिखाए जाएंगे. गुरुवार को भी ट्रेनिंग सेशन में वहां मौजूद महिलाओं को उद्यमी बनने के लिए प्रेरित किया गया. बिहारी लोक कलाओं में मधुबनी पेंटिग, टिकुली आर्ट, सिक्की आर्ट, मंजुषा आर्ट की ट्रेनिंग देकर महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया गया.

ट्रेनिंग पूरा करने पर मिलेगा प्रमाण—पत्र और आर्थिक सहायता


ट्रेनिंग सेशन की हेड और पटना वीमेंस कॉलेज की लेक्चरर गीतांजलि चौधरी बताती हैं कि सात दिनों के ट्रेनिंग सेशन से बिहार की महिलाओं और युवाओं को बिहारी लोकल आर्ट के स्किल्स सिखाए जा रहे हैं. यहां आने वाले लोगों के बीच भी ट्रेनिंग सेशन को लेकर इंट्रेस्ट दिख रहा है. ट्रेनिंग को पूरा करने वाले प्रतिभागियों को अंत में प्रमाण—पत्र भी दिया जायेगा. इन सभी आर्ट को सिखाने के लिए एक्सपर्ट कलाकार महोत्सव में मौजूद रहते हैं. इस आॅपरच्युनिटी का फायदा नहीं उइा पाने भी यहां आकर ट्रेनिंग सेशन को देख रहे हैं और आगे सीखने का प्लान कर रहे हैं.