लालू प्रसाद के जेल में बीते 100 दिन, तेजस्वी यादव नेता बनकर छा गये बिहार में

लाइव सिटीज (राजेश ठाकुर) : राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की चर्चा के बिना बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश का राजनीतिक गलियारा अधूरा है. चाहे चर्चा उनकी विचारधारा को लेकर हो, चाहे चारा घोटाला को लेकर हो. अथवा, बेनामी संपत्ति का ही मामला क्यों न हो. समर्थक ही नहीं, उनके विरोधी भी उनकी चर्चा किये बिना नहीं रह सकता है. आज सोमवार को चर्चा इसलिए कि लालू प्रसाद के जेल जाने के 100 दिन पूरे हो गये. इससे पूरे परिवार के साथ उनके समर्थक काफी दुखी हैं. पर इसका साइड इफेक्ट यह भी हुआ है कि उनकी अनुपस्थिति में उनके छोटे बेटे तेजस्वी यादव मैच्योर्ड नेता बनकर उभरे हैं. बिहार उपचुनाव के रिजल्ट व एनडीए में टूट ने इसे प्रूव्ड भी कर दिया.

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता हैं. वे रांची के होटवार जेल के कैदी हैं. अभी उनकी तबीयत खराब है, जिससे उन्हें दिल्ली एम्स में इलाज के लिए एडमिट किया गया है. इसके पहले वे रांची के रिम्स में एडमिट थे. लालू प्रसाद की यह चौथी जेल यात्रा है. इस बार भी उन्होंने जेल में 100 रातें गुजार लीं. पहली बार जब जेल गये थे, तब उन्हें 137 दिन रहना पड़ा था. हालांकि इस बार लगभग एक पखवारे से वे बीमार हैं और एम्स में इलाज करा रहे हैं.

भले ही लालू प्रसाद लगभग साढ़े तीन माह से जेल में हैं, पर अभी भी वे बिहार से लेकर दिल्ली तक की राजनीति के केंद्र बिंदु बने हुए हैं. राजद के विरोधी दल उन पर अभी भी हमलावर बना हुआ है, किंतु अब अपने विरोधियों को लालू प्रसाद के बजाय तेजी से राजनीति में उभरे तेजस्वी यादव जवाब दे रहे हैं. यूं कहें कि लालू व राजद परिवार को एक मैच्योर्ड युवा नेता मिल गया है. सदन से लेकर सड़क तक तेजस्वी यादव छा गये हैं. सदन में वे जिस तेवर से जवाब देते हैं, वैसा ही तेवर उनका सड़क पर भी दिखता है.

MANJHI-TEJASHWI11
तेजस्वी यादव के साथ जीतनराम मांझी

लालू प्रसाद जब भी जेल से कोर्ट में हाजिरी देने आते थे, तब वे मीडिया से कहते थे कि उनकी बिहार समेत पूरे देश की राजनीति पर नजर है. कहा जाता है कि जेल जाने के बाद भी वे अपने बेटों को पॉलिटिकल टिप्स देने में पीछे नहीं रहे. लालू प्रसाद का खास ध्यान तेजस्वी यादव फोकस है. इसका रिजल्ट बिहार के उपचुनाव में देखने को मिला. बिहार में तीन सीटों के लिए हुए उपचुनाव राजद के साथ-साथ तेजस्वी यादव के लिए भी अग्नि परीक्षा था. इस परीक्षा में राजद और तेजस्वी दोनों ही अच्छे मार्क्स से पास हो गये. राजद ने अपनी दोनों सीटें अररिया व जहानाबाद को बचा लिया.

तेजस्वी का ट्विटर बम : जिसके सहयोगी नीतीश कुमार हों उसे दुश्मनों की क्या जरूरत 

लालू प्रसाद के अब्सेंट पर तेजस्वी ने विरोधियों को भी करारा जवाब दिया. जदयू हो या भाजपा कहते रहे कि राजद में भगदड़ मचेगा. उसके विधायक टूट कर आ रहे हैं. पर ऐसा कुछ नहीं हुआ. उलटे तेजस्वी ने ही विरोधियों को करारा जवाब दे दिया, जिसका विपक्ष के पास कोई जवाब नहीं है. रणनीति बनाकर पहले जदयू के विधायक सरफराज आलम को तोड़ा और उन्हें अररिया लोकसभा से राजद के टिकट पर खड़ा किया. वे जीत गये. इसी तरह जहानाबाद में राजद के दिवंगत विधायक मुंद्रिका सिंह यादव के बेटे सुदय यादव को चुनाव लड़ाया और उन्हें भी जिताया.

बिन लालू सफलता इतनी भर ही नहीं है राजद की. सबसे तगड़ा हमला एनडीए पर किया. एनडीए के महत्वपूर्ण घटक दल हम को महागठबंधन में मिला लिया. हम पार्टी के मुखिया जीतनराम मांझी के साथ गठबंधन कर बता दिया कि हमें कोई राजनीति का बच्चा नहीं समझे. और बता दें कि इसी के लिए तीन दिन पहले पावरफुल इंडियन्स के टॉप 20 की जारी लिस्ट में उन्हें शामिल किया गया. कुल 100 लोगों की बनी इस लिस्ट में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद काफी पीछे हैं. यहां तक टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली भी पीछे छूट गये हैं.

लालू प्रसाद की जेल यात्रा से संबंधित कुछ तस्वीरें :

रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा जेल कैंपस में लालू प्रसाद

रांची के बिरसा मुंडा जेल की तस्वीर

लोगों से बात करते लालू प्रसाद

 

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*