नालंदा : हिलसा सीओ की गिरफ्तारी के विरोध बंद रहे तमाम प्रखंड कार्यालय

नालंदा (संतोष कुमार) : हिलसा में रिश्वत खोरी के आरोप में पकड़े गए सीओ के बचाव में नालंदा के प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों ने गुरुवार को कामकाज ठप रखा है. शनिवार तक कामों को ठप रखने का निर्णय लिया गया है. उक्त सीओ की 20 दिसंबर को गिरफ्तारी हुई थी. हालांकि उस समय भी जिले के लगभग तमाम प्रखंडों के सीओ समाहरणालय पहुंच कर अपने साथी की गिरफ्तारी पर आपत्ति दर्ज करायी थी. इतना ही नहीं, उनके साथ ब्लॉक के कर्मचारी इस गिरफ्तारी को गैरकानूनी बता रहे थे. वहीं कई कर्मचारी संगठनों ने भी ब्लॉक स्तर पर काम काज ठप किये जाने का समर्थन किया है.

तमाम अफसरों को कहना है कि जबरदस्ती सीओ को फंसाया गया है. ऐसे माहौल में अब काम करना मुश्किल है. जिला स्तर के अधिकारी इस मामले में बोलने से परहेज कर रहे हैं. बहरहाल ब्लॉकों में कामकाज प्रभावित है. जानकारी के अनुसार 22 दिसंबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुद्वारे का शिलान्यास करने राजगीर आ रहे हैं. उनके सामने भी सीओ की गिरफ्तारी का मामला उठाया जाएगा. वैसे लोगों का कहना है कि सीओ की गिरफ्तारी को लेकर इतनी जल्दी किसी भी निर्णय पर पहुंचना ठीक नहीं है. पदाधिकारी समझ से भरे होते हैं. उन्हें यह मामला उचित फोरम में उठाना चाहिए.



गिरफ्तार हिलसा सीओ

इधर निगरानी विभाग सीओ की गिरफ्तारी को जायज बता रही है. नाम नहीं छापने की शर्त पर एक पदाधिकारी ने बताया कि सभी पहलुओं को ध्यान में रख कर सीओ की गिरफ्तारी हुई है. आगे भी भ्रष्ट लोक सेवकों के विरुद्ध कार्यवाही जारी रहेगी. रिपोर्टरों ने खबर दी है कि कार्यालयों को बंद रहने से जिले के हिलसा, हरनौत, चंडी, नगरनौसा, बिहारशरीफ, कतरीसराय, गिरियक, सरमेरा, आस्थमा, थरथरी, नूरसराय सहित अन्य प्रखंड कार्यालयों में कामकाज प्रभावित रहा.

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इधर जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन ने उच्चस्तरीय बैठक कर घटनाक्रम की समीक्षा की है. उन्होंने पल पल यहां घट रही घटनाओं से राज्य मुख्यालय को अवगत करा दिया है. जानकार बताते हैं कि कल तक कोई रास्ता निकलने की संभावना है. वैसे तीन दिनों के लिए कामकाज ठप करने का एलान प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों व कर्मचारियों ने कर रखा है.