‘लालू प्रसाद राजनीति के भूले-बिसरे गीत हो गये हैं…’

संजय सिंह जदयू (फाइल फोटो)

लाइव सिटीज डेस्क : जदयू के मुख्य प्रवक्ता और विधान पार्षद संजय सिंह ने बयान जारी करते हुए कहा है कि लालू प्रसाद राजनीति के भूले बिसरे गीत हो गए हैं. पुरानी बातों को याद कर वाहवाही लूटने की आदत अभी तक लालू प्रसाद की नहीं गई है. जिस तरह से फ्लॉप हीरो अपनी पुरानी फिल्मों को देखकर अपना मनोरंजन करते हैं. उसी तरह वे भी अपनी पुरानी बातों को याद करके अपनी वाहवाही लूटते हैं. लालू प्रसाद ब्लैक एंड व्हाइट की तरह भूले बिसरे गीत हो गये हैं. जिसे नये जमाने के लोग न तो देखना पसंद करते हैं न सुनना पसंद करते हैं.

संजय सिंह ने कहा कि बिहार में जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने तब लोगों ने जाना कि विकास किसे कहते हैं. नीतीश कुमार ने बिहार के लोगों को बताया कि विकास कैसे किया जाता है. उन्होंने बिहार में विकास करके दिखाया. अब सीएम नीतीश कुमार विकास की नई इबारत लिख रहे हैं. लालू प्रसाद को विकास की दीवार पर लिखी इबारत को पढ़ने में दिक्कत हो रही है, क्योंकि उनका और विकास का कभी आमना-सामना हुआ ही नहीं है. लालू प्रसाद की डिक्शनरी में विकास शब्द न पहले था, ना है और ना रहेगा. दरअसल लालू प्रसाद का कभी विकास से वास्ता रहा ही नहीं है.



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जदयू प्रवक्ता ने कहा कि जब लालू प्रसाद ने बिहार की कमान संभाली थी, तो कुछ चीजों का विकास जरूर हुआ था. उसमें सबसे ज्यादा अपहरण उद्योग और हत्या उद्योग चरम पर था. उस वक्त बिहार में नरसंहार आम बात हो गई थी. गुंडागर्दी, छीना-झपटी, लूट यह उस बिहार की पहचान थी, जिसके मुखिया लालू प्रसाद थे. उन्होंने काफी मेहनत से अपहरण, हत्या, नरसंहार, लूट इन उद्योगों को बढ़ावा दिया था. तभी तो पहले लोग अपने आप को बिहारी कहने से कतराते थे. लालू व नीतीश के बिहार में जमीन आसमान का अंतर है.

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उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद की सरकार में चारों तरफ अफरा-तफरी थी. हर रोज उद्योगपतियों, डॉक्टरों, इंजीनियरों का अपहरण किया जा रहा था. स्थिति यह हो गई थी कि उनका बिहार में रहना दूभर हो गया था. यहां से उद्योगपति अपनी जमीन और अपना उद्योग बेचकर पलायन कर गए. डॉक्टरों की जमी-जमाई प्रैक्टिस खत्म हो गई, वह यहां से चले गए. इंजीनियर बिहार में काम नहीं करना चाहते थे, वे यहां से पलायन कर गए. उन्होंने लालू प्रसाद पर कमेंट करते हुए कहा कि आपके बिहार में सबसे ज्यादा बिहारी प्रतिभा का पलायन हुआ था. वहीं नीतीश कुमार ने बिहारी प्रतिभा को बिहार में सम्मान दिया है. आज लोग गर्व से कहते हैं कि हम बिहारी हैं.