राजद में डैमेज कंट्रोल को उतरे तेजस्वी, बोले- तेजप्रताप मेरे बड़े भाई, मेरे मागदर्शक हैं…

लाइव सिटीज डेस्क : लालू फैमिली में दोनों भाइयों के बीच मचे घमासान को लेकर रविवार को तेजस्वी यादव बचाव में मीडिया के सामने आए. लालू प्रसाद के छोटे बेटे तेजस्वी यादव ने कहा कि तेजप्रताप मेरे भाई ही नहीं, बल्कि मेरे मार्गदर्शक भी हैं. दोनों भाइयों में अनबन जैसी कोई बात नहीं है. बता दें कि तेजप्रताप यादव ने रविवार को लगातार दूसरे दिन भी अपने बयान में कहा कि पार्टी के कुछ लोग दोनों भाइयों को लड़ाना चाहते हैं. इसी के बाद तेजस्वी यादव मीडिया के सामने आये और किसी भी तरह के मनमुटाव से इनकार किया.

तेजस्वी यादव ने कहा कि तेजप्रताप ने संगठन की मजबूती को लेकर बयान दिया है. वे मेरे बड़े भाई हैं, मेरे मार्गदर्शक हैं. तेजस्वी ने मीडिया से साफ कहा कि मेरे बड़े भाई के बयान को आप परिवार से जोड़कर न देखें. हम दोनों में झगड़ा जैसी कोई बात नहीं है. किसी तरह का कोई मनमुटाव नहीं है.

उन्होंने कहा कि मेरे पूरे परिवार को नीतीश चाचा ने परेशान किया. इसके बाद भी हमलोग हार नहीं माने और अब कुछ लोग लड़ाना चाहते हैं तो इसमें किसी को फायदा नहीं होगा. राजद मजबूत है तथा इन सबसे पार्टी और अधिक मजबूत होगी. मीडिया के पूछे जाने पर तेजस्वी ने स्वीकार किया कि कुछ असामाजिक तत्व दोनों भाइयों को लड़ाना चाहते हैं, लेकिन उनके मंसूबे पूरे नहीं होंगे.

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जो धर्मनिरपेक्षता का हित नहीं चाहता है, जो सामाजिक न्याय को पसंद नहीं करता है, जो लालू जी के विचारों को नहीं मानता है, वैसे तत्व अब पार्टी में भाइयों को लड़ाना चाहते हैं. पर, इससे कुछ नहीं होनेवाला है. वैसे तत्वों को सफलता नहीं मिलेगी. कुछ लोग मेतलब की भी हवा दे रहे हैं.

लालू परिवार में घमासान, तेजप्रताप ने कहा- राजद में मेरी बात कोई नहीं सुनता

दरअसल शनिवार को बिहार के सबसे बड़े राजनीतिक लालू परिवार को लेकर उस समय सियासी हलचल मच गया, जब अचानक तेजप्रताप यादव ने कई ट्वीट कर दिये, साथ ही उनका मीडिया से बात करते हुए वीडियो सामने आया. तेजप्रताप ने वीडियो में कहा कि राजद में उनकी बातों को कोई नहीं सुनता है. लालू प्रसाद व राबड़ी देवी के कहने पर काम होता है. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में मेरी बात कोई नहीं सुनता है. पार्टी के लोग मेरा फोन नहीं उठाते. छात्र राजद के लोग पार्टी के लिए जमीनी स्तर पर काम करते हैं. अपना पैसा लगाकर जनता की सेवा करते हैं, लेकिन उन्हें तवज्जो नहीं दी जाती है. उन्होंने राजेंद्र पासवान का भी उदाहरण दिया है.

तेजप्रताप यादव ने शनिवार को ट्वीट कर लिखा कि ‘मेरा सोचना है कि मैं अर्जुन को हस्तिनापुर की गद्दी पर बैठाऊं और खुद द्वारका चला जाऊं. अब कुछेक चुग्लों को कष्ट है कि कहीं मैं किंग मेकर न कहलाऊं. राधे-राधे.’ थोड़ी देर के बाद उन्होंने दूसरा ट्वीट किया- ‘राजद और गठबंधन सहयोगियों के सामने 2019 के लिए एक नई सरकार बनाने की बड़ी जिम्मेवारी है, लेकिन हमें उन असामाजिक तत्वों से सावधान रहना है जो इस एकता में सेंध लगाना चाहते हैं. जय भीम, जय बहुजन, जय मंडल, जय हिंद.’

इतना ही नहीं, इसके बाद भी तेजप्रताप नहीं माने और तीसरा ट्वीट किया- ‘मेरे और मेरे भाई के बीच कोई मतभेद नहीं है. हमें पार्टी से उन तत्वों को हटाना होगा जो हमें तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं.’ अंत में चौथे ट्वीट में आरएसएस पर निशाना साधा कि ‘संघियों… अफवाह फैलाने की कोशिश मत करो और कान खोलकर सुन लो ‘तेजस्वी मेरे कलेजे का टुकड़ा है.’

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