UPDATE : चुनाव चिह्न तीर पर अब 13 नवंबर को फिर होगी बहस…

लाइव सिटीज डेस्क : जदयू के चुनाव चिह्न पर अब 13 नवंबर को बहस होगी. तीर किसे मिलेगा, नीतीश गुट को या जदयू गुट को, उसी दिन संकेत मिलेगा. बता दें कि तीर को लेकर दोनों गुटों में जमकर जंग छिड़ी हुई है. दोनों गुट अपने अपने तरकश में तीर रखने को लेकर बेचैन हैं.

बता दें कि तीर को लेकर जदयू में ही घमासान मचा हुआ है. यह घमासान अपने अपने अस्तित्व को लेकर है. इसे लेकर मंगलवार को दिल्ली में चुनाव आयोग के कार्यालय में दोनों गुट के पदाधिकारी पहुंचे हुए थे. शरद गुट की ओर से चुनाव चिह्न तीर को फ्रीज करने की मांग कपिल सिब्बल ने की, जिसे मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आयोग ने ठुकरा दिया है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अब तीर पर ​चुनाव आयोग में अगली सुनवाई 13 नवंबर को होगी. उस दिन नीतीश गुट की ओर से राकेश दुबे अपना पक्ष रखेंगे. मंगलवार को नीतीश गुट की ओर से आरसीपी सिंह, ललन सिंह और संजय झा चुनाव आयोग के कार्यालय गये हुए थे. जबकि, शरद यादव की तरफ से अरुण श्रीवास्तव व जावेद रजा पहुंचे हुए थे. हालांकि अंतिम निर्णय आयोग को ही लेना है. इसके बाद क्लियर हो जायेगा कि चुनाव आयोग की मुहर किस पर लगती है.

दरअसल जदयू के चुनाव चिह्न तीर पर किसका हक होगा, नीतीश गुट का या शरद गुट का? इसी सवाल में चुनाव आयोग भी उलझा हुआ है. यह लड़ाई तब से चल रही है, जब से बिहार में महागठबंधन से जदयू अलग हुआ है. तब से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जदयू के ही सांसद शरद यादव काफी खफा हैं और आर-पार की लड़ज्ञई लड़ रहे हैं.

चुनाव आयोग के पाले में गेंद है. दोनों गुटों की ओर से तीर पर दावेदारी की गयी है. मीडिया में आ रही रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को दिल्ली के चुनाव आयोग कार्यालय में नीतीश और शरद गुट के लोग पहुंचे. दोनों तरफ से अपने दावे को पुख्ता करने के लिए साक्ष्य दिये गये.

गौरतलब है कि बिहार में महागठबंधन टूटने और नीतीश कुमार के भाजपा के साथ सरकार बनाने के बाद से शरद यादव ने अलग राह पकड़ ली है. वे नीतीश कुमार के खिलाफ बिहार में लगातार दौरा कर रहे हैं. पिछले सप्ताह शरद यादव ने यह भी कहा ​था कि समय पर पता चल जायेगा कि असली जदयू कौन है. मामला उस समय ज्यादा गरमा गया, जब शरद यादव मना करने के बाद भी राजद की रैली में मंच पर जा पहुंचे.

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