सीएम नीतीश से माफ़ी भी मांगनी पड़ी तो मांगूंगा, लेकिन रहूंगा जदयू में – अमरनाथ गामी

लाइव सिटीज,सेन्ट्रल डेस्क: पिछले कुछ दिनों से हायाघाट के जदयू विधायक अमरनाथ गामी अपने बयानों को लेकर चर्चा में बने हुए हैं. गामी द्वारा  विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा की घोषणा के एक सप्ताह के बाद इस मामले पर राजनीतिक माहौल गरम हो गया है. गामी के इस्तीफे की घोषणा को लेकर पार्टी जिलाध्यक्ष सुनील भारती व राज्य परिषद सदस्य अजय चौधरी ने एक बयान जारी किया जिसमे उन्होंने विधायक गामी पर दबाव की राजनीति करने का आरोप लगाया.जिसके बाद अब विधायक गामी ने प्रेस वार्ता कर दोनों नेताओं पर पलटवार करते हुए कहा कि पार्टी में उनकी आस्था पूरी तरह बनी हुई है.

 उन्होंने कहा है कि चाहे कुछ भी करना पड़े, मै जदयू में ही रहूंगा. उन्होंने साफ़ साफ़ कहा है कि मै हायाघाट से ही चुनाव लडूंगा चाहे इसके लिए मुझे सीएम नीतीश कुमार से माफ़ी मांगनी पड़े. उन्होंने कहा कि  हायाघाट विधानसभा में तीन विधायक एक साथ काम कर रहे हैं जबकि जनता द्वारा विधायक का  प्रमाण पत्र मुझे मिला हुआ है . इस बात की  जानकारी हम नीतीश कुमार को दे चुके है जो जदयू के  नेता मुझ पर आरोप लगाये हैं वो लोग  अघोषित विधायक के  रूप मैं काम कर रहे थे .

इस दौरान विधायक अमरनाथ गामी ने जदयू के जिला अध्यक्ष सुनील भारती और अजय चौधरी पर और खुलकर आरोप लगाया और कहा कि मैं हायाघाट से ही चुनाव लड़ूंगा इसके लिए हमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से माफी भी मांगनी पड़ी तो मैं करूंगा. उन्होंने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि नगर जिला अध्यक्ष चांद जी कोई अपना अनुभव शेयर किए और समय-समय पर मेरे विरोध पार्टी के विरोध में  जाकर दल विरोधी आचरण की खबर फैलाने का काम करते थे.  हद तो तब हो गई जब एक दिन क्षेत्र के जिला सचिव राम विलास मंडल जिससे मुझ पर आरोप लगवाए जो विधायक राजद में जाने वाले हैं और कार्यकर्ताओं के नोटिस नहीं लेते कार्यकर्ताओं को काम नहीं देते.

उन्होंने बताया कि उस  बैठक में राष्ट्रीय महासचिव संजय झा व क्षेत्रीय प्रभारी कामाख्या सिंह भी मौजूद थे. जब मुझे इन बातों की जानकारी मिली तो सीएम को अवगत कराया, उसके बाद राष्ट्रीय महासचिव व क्षेत्रीय प्रभारी ने देर रात मुझसे मिलकर गलत बोलने वाले कार्यकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की बात कही. गामी ने कहा कि जो अजय चौधरी आज मुझपर पार्टी विरोधी होने का आरोप लगा रहे हैं, वे खुद बहादुरपुर से पार्टी के प्रत्याशी मदन सहनी के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़े थे. उन्होंने कहा कि  दोनों नेताओं ने मिलकर नीतीश कुमार का कान भरकर उन्हें दिग्भ्रमित किया। मुझ पर राजद में शामिल होकर शहर से चुनाव लड़ने की कोशिश का दुष्प्रचार किया गया, जबकि सीएम खुद मुझे शहर से लड़वाना चाहते थे, लेकिन मैंने अपनी जिद से हायाघाट से चुनाव लड़ना तय किया

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार  कुछ महीने पहले हायाघाट क्षेत्र में स्वर्गीय उमाकांत चौधरी के मूर्ति का अनावरण करने पहुंचे थे जहां उन्होंने अजय चौधरी की प्रशंसा मंच पर किए थे उस पर अमरनाथ गामी को भाषण करने का मौका नहीं मिला था जिस से अमरनाथ गामी नाराज चल रहे थे आज उन्होंने कहा कि उस मंच पर मुझे बोलने का मौका नहीं दिया गया और अजय चौधरी को मंच पर प्रशंसा करते रहे. हालांकि अब उन्होंने कहा है कि परिस्थिति जो भी हो हम पार्टी नहीं छोड़ेंगे.

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