बिहार में कोरोना के आंकड़ों पर चारों तरफ से हो रही किरकिरी पर मंगल पांडेय ने दी सफाई, कहा- जिलों में हुई मौत का नया आंकड़ा जोड़ा गया

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: बिहार में कोरोना से मौत के आंकड़ों में बड़े उछाल के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली सवालों के घेरे में है. बुधवार को जारी आंकड़ों में 3951 और मृतकों की पुष्टि के बाद अब तक कोरोना से मरने वालों की संख्या 10 हजार के आसपास पहुंच गई है.स्वास्थ विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत की तरफ से मौत के ताजा आंकड़ों के बारे में बुधवार को जानकारी दी गई थी। उसके बाद लगातार सरकार की फजीहत हो रही है। अब सरकार की तरफ से स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने सफाई दी है

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा है कि बिहार सरकार ने कोरोना से मौत का आंकड़ा कभी छिपाने का प्रयास नहीं किया। सरकार का मकसद है कि जिन लोगों की कोरोना हुई उनके परिजनों को सरकार की तरफ से दी जाने वाली आर्थिक मदद मिल पाए और इसीलिए सरकार ने पिछले 15 से 20 दिनों में जिला स्तर पर ऐसे लोगों की मौत का आंकड़ा इकट्ठा किया जिनकी जान कोरोना और केंद्र की जारी गाइडलाइन के मुताबिक के चली गई। मंत्री मंडल पांडे ने कहा कि हम कभी भी आंकड़े छिपाना नहीं चाहते बल्कि लोगों तक मदद पहुंचाना चाहते हैं और आर्थिक मदद देने के मकसद से ही जिला स्तर पर एक बार फिर मौत के आंकड़ों को इकट्ठा किया गया। अब जो आंकड़े सामने आए हैं वह सार्वजनिक किए गए हैं। ऐसे में हेराफेरी जैसी बात का आरोप लगाना बेमानी है।

आपको बता दे कि प्रत्यय अमृत ने स्वास्थ्यकर्मियों को जिम्मेदार बताते हुए कहा कि उनके स्तर से चूक हुई है. ऐसे में उनपर कार्रवाई की जा रही है. वहीं, आगे भी जिनकी लापरवाही सामने आएगी, उनपर कार्रवाई की जाएगी. ये अत्यंत संवेदनशील मामला है और हर जिले को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए थी. नियमित रूप से रिपोर्ट भेजनी चाहिए थी. कोरोना काल में चुनौतियां थीं, लेकिन रिपोर्ट समेय पर भेजनी चाहिए थी.