लालू के खिलाफ एक ट्रक दस्तावेज जमा किया था IPS कौमुदी ने, TV देख सब याद आ गया

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लालू प्रसाद (फाइल फोटो)

लाइव सिटीज डेस्क : साल 1997 में बिहार में तैनात रहे आईपीएस अधिकारी वरुण कौमुदी शनिवार 23 दिसंबर को हैदराबाद के अपने घर में टीवी से चिपके थे. रांची में सीबीआई कोर्ट में हो रही गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे. इस दौरान उनके मन में कई तरह के विचार आ-जा रहे थे. कौमुदी आज से 20 साल पहले अपने पटना के दिनों याद करने लगे. जब वे सीबीआई की पशुपालन घोटाला जांच यूनिट के हेड बनाए गए थे.

कौमुदी ने इस बारे में ‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ से बातचीत में अपने उन दिनों की याद को ताजा किया है. वे बताते हैं कि पटना में उन्होंने सीबीआई ऑफिस में पूछताछ करने के लिए लालू प्रसाद को बुलाया था. तब लालू ने आते ही पूछा था – अच्छा, तुम कौमुदी हो ? औपचारिक अभिवादन के बाद कौमुदी ने उनसे कहा कि, इस घोटाला के बारे में आपसे कुछ सवाल करने हैं. उस दिन को याद कर कौमुदी कहते हैं कि लालू ने सकारात्मक जवाब दिया था. उस दिन दिनभर लालू प्रसाद से सवाल-जवाब होते रहे. शाम को ही उन्हें जाने दिया गया.



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कौमुदी ने आगे बताया, उस वक़्त के सबूतों को देख हमें यकीन था कि उन्हें दोषी करार दिया जायेगा. मेरी टीम ने सबूतों की काफी खोजबीन की थी, और हमें यह मानने में कोई हिचक नहीं थी कि वे इस करोड़ों के घोटाले में शामिल थे. 1986 बैच के आंध्र प्रदेश कैडर के इस आईपीएस अधिकारी ने कहा कि इस सनसनीखेज मामले में हमारी चार्जशीट निर्विवाद थी. यह उन्हें सजा दिलाने के लिए काफी थी.

आईपीएस अधिकारी वरुण कौमुदी
एक ट्रक दस्तावेज गए थे स्पेशल कोर्ट

कौमुदी बिहार में पशुपालन और चारा घोटाले के दिनों को याद करते हुए बताते हैं, ‘यह बहुत बड़ी जांच थी. इतनी बड़ी थी कि हमने स्पेशल कोर्ट में ट्रक भर कर दस्तावेज जमा कराये थे. ये सभी इन घोटालों से जुड़े हुए मामलों के सबूत थे.’ बता दें कि कौमुदी उस वक़्त पशुपालन घोटाले के साथ ही चारा घोटाला और लालू-राबड़ी के आय से अधिक संपत्ति केस की भी जांच कर रहे थे.

पूछताछ के लिए रिक्शे पर आये थे लालू

आईपीएस कौमुदी याद करते हैं कि पटना सीबीआई ऑफिस में जब उन्हें चारा घोटाले के मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था, तब वे रिक्शे पर आये थे. वे कहते हैं – लालू प्रसाद से दो बार हमने पूछताछ की थी. एक बार आय से अधिक संपत्ति मामले में मेरी टीम ने उनसे सवाल-जवाब किये थे. दूसरी बार चारा घोटाले के सिलसिले में पटना सीबीआई ऑफिस में उन्हें बुलाया गया था.

इस सवाल पर कि लालू प्रसाद के कद को देखते हुए क्या उन्हें इस केस की जांच के दौरान किसी प्रकार की रोक-टोक या धमकी का भी सामना करना पड़ा, कौमुदी कहते हैं कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. कम से कम सीधी धमकी तो नहीं मिली. पीछे में कुछ कहीं प्लान किया गया हो तो बता नहीं सकते.

आईपीएस वरुण कौमुदी फिलहाल नई दिल्ली में Bureau of Police Research and Development (BPR&D) के ADG हैं.

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