मजदूरों की घर वापसी के लिए आंखों पर पट्टी बांध भूख हड़ताल पर बैठे जाप नेता

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : मजदूरों को सकुशल घर वापसी को लेकर जाप नेताओं ने पूरे राज्य में धरना दिया. आंखों पर काली पट्टी बांध कर नेता और कार्यकर्ता भूख हड़ताल पर बैठे रहे. जाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव ने कहा कि लॉकडाउन से सबसे ज्यादा प्रभावित प्रवासी मजदूर हैं. हर रोज अलग-अलग शहरों से परेशान मजदूरों की तस्वीरें सामने आ रही हैं. सूरत और मुंबई के बांद्रा में घर वापसी की मांग करने वाली मजदूरों की भीड़ पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया. सड़क हादसे में मजदूर मर रहे हैं. भारतीय रेलवे द्वारा जितनी श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही है वो नाकाफ़ी साबित हुई है. अभी भी लाखों लोग पैदल चलकर या दो से चार हजार रुपये तक ट्रक मालिकों को देकर बिहार आ रहे हैं.

इस धरना प्रदर्शन का आयोजन सोशल डिस्टेंसिग को ध्यान में रख कर किया गया. बिहार के विभिन्न जिलों से मजदूरों के पक्ष में बड़ी संख्या में आम लोग इस व्यापक प्रदर्शन में शामिल हुए.  वहीं जाप कार्यालय में जाप के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेमचंद सिंह सहित कई नेताओं ने धरना दिया. प्रेमचंद सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार मजदूरों को सड़क पर मरने के लिए छोड़ दिया हैं. आज लॉकडाउन के लगभग दो महीने हो गए हैं उसके बाद भी मजदूर भूखे प्यासे सड़कों पर पैदल चल रहे हैं. बिहार सरकार को इनकी कोई मदद नहीं कर पा रही.

जाप के राष्ट्रीय महासचिव राजेश रंजन ने कहा की बिहार सरकार के तानाशाही रवैया के कारण छात्रों और मजदूरों के पक्ष में आवाज उठाने वालों को जेल में डाल रही हैं. इन्होंने गलत तरीके से जेल भेजे गए जन अधिकार छात्र परिषद के छात्र नेताओं के सकुशल रिहाई की मांग की.