Big Breaking : जाप सुप्रीमो वीरपुर जेल से डीएमसीएच शिफ्ट, पप्पू यादव बोले- हमें वहां लाया, जहां सिर्फ मौत ही मौत

लाइव सिटीज, पटना : जाप सुप्रीम पप्पू यादव अभी-अभी गुरुवार की देर शाम दरभंगा के डीएमसीएच में शिफ्ट कर दिए गए. उन्हें वीरपुर जेल से एंबुलेंस में बिठाकर डीएमसीएच लाया गया. उनकी तबीयत बिगड़ने व आग्रह के बाद आज मधेपुरा कोर्ट ने डीएमसीएच शिफ्ट का आदेश दिया. वे लगभग 42 घंटे तक वीरपुर में रहे. 11 मई को पप्पू यादव को पटना के मंदिरी स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया था.

मिल रही जानकारी के अनुसार, पप्पू यादव के भूखे रहने से उनकी तबीयत बिगड़ने लगी थी. जेल के अंदर डॉक्टरों ने उनकी जांच की और उन्हें हायर सेंटर पर भेजने की बात कही. इसके बाद पप्पू यादव की ओर से पटना के पीएमसीएच भेजने की मांग की गई थी. हालांकि मधेपुरा कोर्ट ने उन्हें डीएमसीएच ले जाने का निर्देश दिया. इसके बाद उन्हें डीएमसीएच शिफ्ट कर दिया गया.

इसे लेकर जाप सुप्रीमो पप्पू यादव ने ट्वीट कर नीतीश कुमार पर कई गंभीर आरोप भी लगाए. जाप सुप्रीमो पप्पू यादव ने ट्वीट कर कहा कि अब मुझे डीएमसीएच दरभंगा भेजा जा रहा है. जहां मौत ही मौत है. पटना गांधी मैदान थाने में 9 घंटा, फिर मधेपुरा ले जाने में 4 घंटा. इसके बाद वीरपुर लाने में 2 घंटा, फिर वीरपुर जेल के बाहर 2 घंटा, फिर जेल में 2 दिन. पप्पू यादव ने नीतीश कुमार से सवाल पूछा है. उन्होंने लिखा, ‘सब जगह ले जाकर कोरोना संक्रमित करने का इरादा है नीतीश कुमार जी? सेवा ही जुर्म है?’

गौरतलब है कि गिरफ्तारी के दिन ही पप्पू यादव की पत्नी रंजीत रंजन ने ट्वीट कर कहा था- ‘नीतीश जी, पप्पू जी कोरोना निगेटिव हैं, अगर वह पॉजिटिव हुए तो आपको, इस साजिश में शामिल चार लोगों एवं एम्बुलेंस चोरों को CM आवास से निकाल बीच चौराहे पर नहीं खड़ा किया तो मेरा नाम रंजीत रंजन नहीं.’

इतना ही नहीं, आज गुरुवार को भी रंजीत रंजन ने सीएम नीतीश पर हमला बोलते हुए कहा कि मैं आपको आगाह करती हूं कि इस प्रकार की गंदी राजनीति करना बंद कीजिए मुख्यमंत्री साहब. पप्पू यादव को अपनी राजनीति का मोहरा नहीं बनाइए, नहीं तो बहुत महंगा पड़ेगा. जेल के अंदर से अगर वो पॉजिटिव होकर आएंगे तो मैं आपसे कह देती हूं, ना तो मैं माफ करूंगी और ना ही इस प्रदेश की जनता माफ करेगी. दो दिनों के अंदर अगर पप्पू यादव को रिहा नहीं किया करेंगे तो मुख्यमंत्री साहब और बीजेपी के लोग कान खोलकर सुन लें, मैं छोड़ूंगी नहीं. आपको जेल भेजकर ही चुप बैठूंगी.