JDU ने पूर्व मंत्री दामोदर रावत के बेटे को निकाला, ब्रजेश ठाकुर से करीबी संबंध आये सामने

rawat-collage

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : मुजफ्फरपुर के बहुचर्चित बालिका गृह के मामले में मुख्य आरोपी बृजेश ठाकुर से कथित संबंधों की वजह से जदयू ने अपने एक नेता को पार्टी से निकाल दिया है. जदयू से निकाले गए निकाले गए यह शख्स हैं राजीव रावत. राजीव रावत युवा जदयू के प्रदेश महासचिव हैं. राजीव रावत की एक दूसरी बड़ी पहचान यह भी है कि वह जदयू नेता व बिहार सरकार के पूर्व मंत्री दामोदर रावत के बेटे भी हैं. दामोदर रावत खुद भी बिहार सरकार में समाज कल्याण मंत्री रहे हैं और उन पर भी मंत्री रहते बृजेश ठाकुर को अवैध तरीके से फायदा पहुंचाने का आरोप लग रहा है.

बताया जा रहा है कि इस वजह से दोनों पिता-पुत्र अब सीबीआई के रडार पर आ गए हैं. कहा जा रहा है कि दामोदर रावत के बेटे राजीव रावत के ब्रजेश ठाकुर से काफी घनिष्ठ संबंध हैं. राजीव रावत की ब्रजेश ठाकुर के होटल में अपने साथियों के साथ की तस्वीरें वायरल हो रही हैं. माना यह जा रहा है कि राजीव रावत से घनिष्ठ संबंध के बदौलत ठाकुर की पहुंच तत्कालीन समाज कल्याण मंत्री दामोदर रावत तक हुई थी.

दामोदर रावत और उनके बेटे राजीव रावत के सीबीआई के रडार पर होने की खबर फैलते ही जदयू में खलबली मच गई थी. जदयू नेतृत्व ने इस संबंध में तुरंत कार्रवाई करते हुए राजीव रावत को आखिरकार पार्टी से निकाल दिया। हालांकि युवा जदयू के प्रदेश अध्यक्ष ने मीडिया को बताया है कि राजीव रावत को अनुशासनहीनता की वजह से पार्टी से निकाला गया है.

फिलहाल मुजफ्फरपुर मामले की जांच सीबीआई काफी तेजी से कर रही है और इसमें कई और बड़े नेताओं-अधिकारियों तक जांच एजेंसी पहुंच सकती है. बता दें कि इस मामले में समाज कल्याण विभाग के पूर्व निदेशक रिटायर्ड आईएएस सुनील कुमार के भी बृजेश ठाकुर से करीबी संबंध होने का पता चला है. सुनील कुमार से पटना के आसरा होम मामले से चर्चा में आई मनीषा दयाल के भी करीबी संबंधों का पता चला है. इसका खुलासा सबसे पहले लाइव सिटीज ने किया था. सुनील कुमार पर मनीषा दयाल के एनजीओ और बृजेश ठाकुर के एनजीओ को अवैध तरीके से सरकारी मदद पहुंचाने का गंभीर आरोप है. अब बात सामने आ रही है कि सुनील कुमार फरार हैं और सीबीआई उनकी तलाश कर रही है.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*