Big Breaking : जाति आधारित जनगणना पर जेडीयू ने केंद्र को फिर सुना दिया है दो टूक, कुशवाहा ने कही यह बात

लाइव सिटीज, पटना/ बक्सर : जाति आधारित जनगणना को किसी भी कीमत पर जेडीयू छोड़ना नहीं चाहता है. इसे लेकर जेडीयू संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने केंद्र को दो टूक सुना दिया है. उन्होंने साफ-साफ कह दिया है कि जातीय जनगणना हमारी पार्टी की पुरानी मांग है और हम किसी भी कीमत पर इससे पीछे नहीं हटेंगे. उपेंद्र कुशवाहा आज बक्सर में मीडिया से रूबरू हो रहे थे.

जेडीयू संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा आज बिहार यात्रा के दौरान बक्सर में थे. इस दौरान वे कई लोगों से मिले. समर्थकों ने उन्हें जोरदार स्वागत किया. बाद में गेस्ट हाउस में पत्रकारों से भी बात की. इसी दौरान उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि हमारे नीति-सिद्धांत अलग हैं. हम जातीय जनगणना के पक्षधर हैं. जातीय जनगणना को लेकर कई बार कोर्ट ने भी केंद्र सरकार से पूछा है. सरकार को हर हाल में जातीय जनगणना करवानी चाहिए, ताकि कोई भी सरकारी योजना बने तो उसका लाभ हर तबके को समान ढंग से मिले. उन्होंने यह भी कहा कि साल 1931 के बाद आज तक जातीय जनगणना हुई ही नहीं है.

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी केंद्र से इस पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है. उन्होंने कल पटना में मीडिया से बात करते हुए कहा कि जाति आधारित जनगणना जरूरी है. सरकार को इसे करवाना चाहिए. उन्होंने ट्वीट भी किया था. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने ट्वीट में कहा था कि हमलोगों का मानना है कि जाति आधारित जनगणना होनी चाहिए. बिहार विधान मंडल ने दिनांक 18-02-19 और पुनः बिहार विधान सभा ने दिनांक 27-02-20 को सर्वसम्मति से इस आशय का प्रस्ताव पारित किया था तथा इसे केंद्र सरकार को भेजा गया था. केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर पुनर्विचार करना चाहिए.