सवर्ण आरक्षण पर बोले RCP सिंह : यह संभव नहीं, जानबूझकर बखेड़ा खड़ा कर रहे कुछ लोग

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आरसीपी सिंह (फाइल फोटो)

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : जनता दल यूनाइटेड ने सवर्ण आरक्षण पर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है. पार्टी का साफ़ मानना है कि सवर्ण आरक्षण का कोई सवाल ही नहीं उठता. जदयू के वरिष्ठ नेता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी आरसीपी सिंह ने सवर्ण आरक्षण की मांग को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने आज जदयू कार्यसमिति की बैठक में सवर्ण आरक्षण पर हुई चर्चा के दौरान यह बयान दिया है. हालांकि बाद में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने अंदर मीटिंग में ऐसी किसी चर्चा से इन्कार किया.

हालांकि लाइव सिटीज को मिली जानकारी के अनुसार आरसीपी सिंह ने मीटिंग में यहां तक कहा कि संविधान में सवर्णों को आरक्षण की कोई व्यवस्था ही नहीं है. इस वजह से सवर्ण आरक्षण का प्रश्न ही नहीं उठता. उन्होंने यह भी कहा है कि सवर्ण आरक्षण की मांग करने वाले जानबूझकर बखेड़ा खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं.

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जदयू कार्यसमिति की बैठक के बाद आरसीपी सिंह ने मीडिया से बात करते हुए इस मुद्दे पर कहा कि बैठक में पार्टी ने इस बारे में कोई चर्चा नहीं की. सिंह ने कहा कि नीतीश सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का हर वर्ग को लाभ मिल रहा है.  BPSC क्वालीफाई करने पर SC-ST समुदाय को मिलने वाली सरकारी मदद के सवाल पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का यह सोचना है कि समाज के सबसे पिछड़े व्यक्ति तक लाभ पहुंचे और इसमें ओबीसी भी शामिल नहीं है. साथ ही उन्होंने जदयू-भाजपा गठबंधन पर कहा कि सीटों पर समझौता अपने अंतिम पड़ाव में है. जिसकी जल्द ही आधिकारिक घोषणा की जाएगी.

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मालूम हो कि देशभर में अभी सवर्ण आरक्षण पर भी बहुत बहस चल रही है. बीते दिनों इसके लिए देश भर में आंदोलन और ‘भारत बंद’ का भी आयोजन किया गया था. गरीब सवर्णों को आरक्षण को लेकर भी अलग-अलग तरह की बयानबाजी हो रही है. राजनेता और राजनीतिक पार्टियां भी अलग-अलग खेमों में बंटी हुई हैं. इस मामले पर सवर्णों के पक्ष में एक कथित बयान देकर राजद नेता व बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव भी फंस चुके हैं.

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इधर देशभर में जहां एक ओर दलित पॉलिटिक्स के लिए जाने जाने वाले नेता भी गरीब सवर्णों को आरक्षण के पक्ष में खड़े दिख रहे हैं. वहीं पारंपरिक तौर पर सवर्णों की पार्टी मानी जाने वाली भाजपा इस पर अभी तक कुछ भी खुलकर कहने से बच रही है. हालांकि कांग्रेस ने इस मांग का समर्थन करते हुए गरीब सवर्णों को 10% आरक्षण दिए जाने की बात कही है.

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