जदयू का बड़ा हमला: तेजस्वी यादव जी… कलई खुलने के डर से अंग्रेजी में ज्ञान मत बांटिए

SANJAY-SINGH
जदयू प्रवक्ता संजय सिंह (फाइल फोटो)

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : जेडी (यू) मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह एक बार फिर बिहार के नेता प्रतिपक्ष व पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि जिसके दल में 80 परसेंट अपराधियों को जगह मिली हो, वह किसी अन्य पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाए, यह अशोभनीय है. उन्होंने कहा कि जिसके घर ख़र्च का जिम्मा ही माफिया उठाते हों, वह खुद को साधु बताए तो यह साल का सबसे बड़ा लॉफ्टर चैलेंज है. बहुत बढ़िया है आप इसी तरह से लोगों का मनोरंजन करते रहिए. पहले आपके पिता श्री करते थे, अब आप कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि 15 साल तक बिहार में ‘रूल ऑफ गुंडई’ चला कर आज अंग्रेजी में ज्ञान बांट रहे हैं. हिंदी में लिखियेगा तो आपके शासनकाल में कानून व्यवस्था की कलई खुल जाएगी? इसी को कहते है देशी मुर्गी विलायती बोल. उन्होंने कहा कि जनता को बेवकूफ समझते हैं क्या? हैरत है.. जंगलराज़ में आम आदमी की जान और संपत्ति को लूटने वाले आज फिक्रमंद हैं. आप इतने ही गंभीर रहे हैं तो फिर आपके परिवार के शासनकाल में सैकड़ों नरसंहार, अपहरण, हत्या, दंगे क्यों हुए?

जदयू संजय सिंह ने कहा कि बिहार में अपहरण, लूट, हत्या, बलात्कार की घटनाओं को अंजाम देने वाले कौन हैं? अपराधियों के संरक्षक और AK-47 मॉडल की राजनीति करने वाले कौन हैं? यह बात सबको मालूम है. तेजस्वी जी, आपकी सीनाज़ोरी जनता देख रही है. उन्होंने तेजस्वी यादव को हक़मार जी बताते हुए कहा कि दिल में जमी कालिख़ और आंख में जमा कीचड़ साफ करिए.. तब पता लगेगा बिहार में जंगलराज़ और अब के दौर में क्या फ़र्क है.

उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठकर संपत्ति संग्रह करने का कौशल आपके परिवार की पहचान है. जो परिवार सत्ता में बैठकर हर सरकारी फ़ाइल पर अपना हिस्सा मिलने के बाद आदेश जारी करता हो, उसके मुंह से तबादलों पर हाय-तौबा किसी मज़ाक से कम नहीं है. लोकतंत्र में लोकसेवकों के कार्यक्षेत्र का निर्धारण सरकार का दायित्व है, इसमें विपक्ष की कोई भूमिका तय नहीं की गई है. तबादला एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है, बावजूद इसके आप उसमें घटिया राजनीति तलाश रहे हैं.

जदयू प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि पूरा बिहार जानता है कि नब्बे के दौर में मुख्यमंत्री आवास में किस तरह लोकसेवक चढ़ावा चढ़ाते थे. लेकिन, आप किसी ग़लतफ़हमी में मत रहिए, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गवर्नेंस की यही खासियत है कि यहां तबादला सुशासन के लिए होता है, भ्रष्टाचार के लिए नहीं.

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