जिउतिया व्रत को लेकर खरीदारों से बाजार में बढ़ी रौनक, फुटपाथ पर सजी कारीगरों की दुकान, जानिए पूजा का महत्व एवं मुहूर्त का समय

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: जिउतिया व्रत को लेकर तैयारी शुरू हो गयी है. महिलाएं नये वस्त्र, शृंगार सामग्री, पूजा सामग्री आदि की खरीदारी कर रही हैं. इसको लेकर मुख्य बाजार में चहल- पहल बढ़ गयी है. फुटपॉथ पर जिउतिया गुथनेवाले कारीगर भी अपनी दुकानें सजा दिये हैं. महिलाएं दुकानों पर जिउतिया लेकर लाल, पीला, हरा आदि रंग के धागा में उसे गथवा रही हैं. आभूषण दुकान पर जिउतिया खरीदने के लिए महिलाओं की भीड़ देखी जा रही है.

आश्विन कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि तिथि के दिन महिलाएं जिउतिया व्रत रखेंगी. इस साल यह व्रत 10 सितंबर को है. औयह व्रत महिलाएं अपनी संतान की लंबी आयु के लिए रखती हैं. ऐसा कहा जाता है कि जो महिलाएं व्रत को रखती हैं उनके बच्चों के जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और उन्हें संतान वियोग नहीं सहना पड़ता है. इस व्रत को निर्जला रखा जाता है. इस दिन महिलाएं पूजन कर उनकी लंबी आयु की भी कामना करती हैं. इस व्रत को करते समय सूर्योदय से पहले ही खाया-पिया जाता है.



सूर्योदय के बाद पानी भी नहीं पी सकती हैं. इस व्रत में माताएं जीवित्पुत्रिका और राजा जीमूतवाहन दोनों की पूजा कर पुत्रों की लंबी आयु के लिए प्रार्थना करती हैं. अगले दिन भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद ही पारण किया जाता है. इस पर्व में मड़ुआ की रोटी, कंदा, सतपूतिया और नोनी की साग का खास महत्व है. महिलाएं 24 घंटे का निर्जला व्रत रखती हैं.