लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार भाजपा की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में ‘काव्यांजलि’ का आयोजन किया गया. शुभारंभ में भाजपा के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. मौके पर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि पंडित नेहरू और इंदिरा गांधी के बाद अटल जी पहले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री थे, जिन्हें जनता ने चुना था. 2008 के बाद अस्वस्थता की वजह से वे लोकदृष्टि से ओझल रहे. किसी ने अटल जी की आवाज नहीं सुनी, मगर उनकी शव यात्रा में लाखों की उमड़ी भीड़ उनकी असीम लोकप्रियता का परिचायक थी.

उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का बिहार से गहरा लगाव था. वे मुझको अक्सर कहा करते थे कि आप तो बिहारी हैं, लेकिन मैं अटल बिहारी हूं. दीघा-सोनपुर रेल पुल, मुंगेर में गंगा पर रेल पुल, कोसी पर बना महासेतु, बाढ़ सुपर थर्मल पावर स्टेशन आदि अटल जी की बिहार को दी गई महत्वपूर्ण भेंट हैं. इन्हें यहां की जनता भूल नहीं सकते हैं.

बता दें कि पिछले माह 16 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का दिल्ली एम्स में निधन हो गया था. वे काफी वर्षों से बीमार थे. उनकी अस्थि कलश देश भर की महत्वपूर्ण नदियों में प्रवाहित किया गया. वहीं उनके निधन के एक माह पूरा होने पर देश के लगभग 4 हजार जगहों पर काव्यांजलि आयोजित की गई. इसी कड़ी में काव्यांजलि का आयोजन पटना में भी किया गया.

पटना के अधिवेशन भवन में आयोजित काव्यांजलि में ख्यातिलब्ध कवियों ने अटल बिहारी वाजपेयी की कविताओं का पाठ किया गया. साथ ही कवियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. श्रद्धांजलि देनेवालों में डॉ बुद्धिनाथ मिश्र, डॉ सुनील योगी, प्रख्यात मिश्रा, किरण घई समेत अनेक लोग मौजूद रहे. कवियों ने अपनी रचनाओं का भी पाठ किया. मंच संचालन गजेंद्र सोलंकी ने किया. काव्यांजलि समारोह में इनके अलावा केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय, राज्यसभा सदस्य आरके सिन्हा समेत अन्य भाजपा नेता उपस्थित थे.