पटना : जिला परिवहन कार्यालय में आठ हजार डीएल फंसे, जानें क्यों नहीं हो रही डिलीवरी

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: अगर आपके यहां अभी तक ड्राइविंग लाइसेंस नहीं पहुंचा है और आप इंतजार कर रहे हैं. तो खबर आपके लिए हैं. दरअसल, जिला परिवहन कार्यालय में बार कोड (स्पीड पोस्ट के लिए) नहीं मिलने से आठ हजार से अधिक ड्राइविंग लाइसेंस कार्यालय में ही पड़े हैं. इसी कारण अभी तक ड्राइविंग लाइसेंस आपके यहां नहीं पहुंचा है.

बार कोड के अभाव में डीएल घरों तक नहीं पहुँच पा रहे हैं. 6 दिसंबर से DL भेजने का काम बाधित है. बार कोड के लिए बार-बार पोस्टल डिपार्टमेंट को मैसेज भेजने के बावजूद नहीं मिला है. बता दें कि एक तरफ वाहनों के जांच अभियान में डीएल नहीं होने पर चालकों को जुर्माना भरना पड़ता है. वहीं बार कोड के कारण बना हुआ डीएल लोगों के घरों तक नहीं पहुंचा है. इससे लोग काफी परेशान हैं.



खबर के अनुसार, एक दिन में औसतन 700 से 800 डीएल घर भेजे जाते हैं. लेकिन बार कोड नहीं होने के कारण 11 दिनों से DL भेजने का काम ठप है. लगभग आठ हजार से अधिक डीएल कार्यालय में ही हैं. जिनको डीएल नहीं मिला, वे जिला परिवहन कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं और वजह पूछ रहे हैं.

घरों पर भेजने की है व्यवस्था

बता दें कि परिवहन विभाग द्वारा ड्राइविंग लाइसेंस बनने के बाद आवेदक के घर भेजने की व्यवस्था है. इस वजह से DL कार्यालय से नहीं मिलता है. DL घर भेजने के लिए बार कोड होना आवश्यक होता है.

जिला परिवहन पदाधिकारी अजय कुमार ठाकुर इस सबंध में मीडिया को बताया कि बार कोड के लिए बात हुई है. दिल्ली से बार कोड मिल जायेगा. मिलने के बाद डिस्पैच का काम शुरू हो जायेगा.

जानकारी के अनुसार, पोस्टल डिपार्टमेंट से मिले बार कोड से DL डिस्पैच का काम होता है. इसके लिए एक मुश्त राशि पोस्टल डिपार्टमेंट को दे दी जाती है. तब सीरीज में बार कोड मिलता है. जिला परिवहन कार्यालय से डीएल डिस्पैच नहीं होने से लोगों को परेशानी हो रही है.