पटना/अमित जायसवाल : सरकारी काम में वकील साहब बाधा डाल रहे थे. वो भी काम ऐसा कि जिसके लिए पटना हाईकोर्ट की तरफ से आदेश जारी किया गया हो. वैसे काम में बाधा डालना वकील साहब के लिए महंगा पड़ गया. जिसके बाद उनके न सिर्फ एफआईआर दर्ज की गई, बल्कि  उन्हें गिरफ्तार भी किया गया. उसके बाद चलान काट उन्हें जेल भेज दिया गया. ये सारा मामला पटना के सचिवालय थाना का है. जिस वकील को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, उनका नाम सुमित पांडेय है.

दरअसल, पटना हाईकोर्ट के आदेश पर पूरे राजधानी में इन्क्रोचमेंट हटाने की कार्रवाई बड़े पैमाने पर शनिवार से शुरू की गई है. रविवार को दारोगा राय पथ इलाके में इन्क्रोचमेंट हटाने का काम चल रहा था. पूरी कार्रवाई प्रतिनियुक्त किए गए मजिस्ट्रेट शंभूनाथ की देख—रेख में चल रही थी.

आरोप है कि इसी बीच वकील सुमित पांडेय वहां पहुुंच गए. लगातार वो इन्क्रोचमेंट हटाने की कार्रवाई में बाधा डाल रहे थे. कई बार मजिस्ट्रेट की तरफ से उन्हें समझा—बुझाया गया. उन्हें सरकारी काम में बाधा डालने पर कानूनी कार्रवाई किए जाने की सख्त हिदायत भी दी गई. लेकिन वो माने नहीं.जिसके बाद मजिस्ट्रेट के आदेश पर वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें अपने कब्जे में ले लिया.

इसके बाद सचिवालय थाना की पुलिस टीम के हवाले कर दिया. सचिवालय डीएसपी के अनुसार मजिस्ट्रेट के बयान पर थाना में एफआईआर दर्ज कराया गया है. इसके बाद ही सुमित पांडेय को गिरफ्तार किया गया है.

ये भी पढ़ें : पटना की सड़कों पर उतरे अनंत सिंह के समर्थक, नीतीश सरकार के खिलाफ लगाए नारे

ये भी पढ़ें : बिहार के शिक्षा विभाग की वेबसाइट हैक, तुर्की के हैकरों ने लिखा- Love you Pakistan