तेजस्वी पूछ रहे हैं पीएम से सवाल – बेरोज़गारी पर बात करने पर आपका गला क्यों सुख जाता है?

तेजस्वी यादव (फाइल फोटो)

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : लोकसभा चुनाव के तारीखों का एलान हो गया है. वहीं, विपक्ष लगातार केंद्र सरकार और राज्य सरकार को घेरने में लगी है. इसी कड़ी में आज यानि शुक्रवार को बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और राजद नेता तेजस्वी यादव ने प्रेस रिलीज जारी कर केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला है. तेजस्वी यादव बेरोजगारी को लेकर पीएम मोदी से सवाल कर रहे हैं. उन्होंने कई रिपोर्टों का सहारा लेते हुए सरकार पर निशाना साधा है. तेजस्वी ने कहा कि मोदी सरकार बेरोज़गारी पर बात करने से क्यों डरती है? युवा साथियों से आग्रह है वो अपने जीवन को प्रभावित करने वाले मुद्दों को आगामी चुनाव में तरजीह दे.

तेजस्वी यादव ने कहा, “किसी भी सरकार की सफलता, गुणवत्ता व दूरदर्शिता का प्रतीक उसकी आर्थिक व सामाजिक नीतियाँ होती हैं. मोदी सरकार देश के सामाजिक स्वरूप को उधेड़-उधेड़ कर अराजकता की ओर मोड़ रही है तो दूसरी तरफ़ अपने स्टंट के ज़रिए देश के आर्थिक विकास के पहिए ही उखाड़ अर्थव्यवस्था को पटरी से उतार दिया है.”

उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन से अर्थव्यवस्था का अंदाजा लग जाता है. लेकिन यहाँ तो दो करोड़ नौकरी प्रति वर्ष का नारा लगाने वाले 5 साल में उसके सौवें भाग तक भी उस वादे को निभा नहीं पाए. NSSO की रिपोर्ट के अनुसार इन पाँच सालों में पचास साल का रोना रोने वालों के कारण रोज़गार की पिछले 45 वर्षों में सबसे बदतर स्थिति रही.

नेता प्रतिपक्ष ने CMIE की एक रिपोर्ट के हवाले कहा,  “नोटबन्दी ने असंगठित क्षेत्र से 11 करोड़ नौकरियाँ लील कर दी, जिसकी मार देश के सबसे निचले तबके के लोगों पर पड़ी. यही नहीं Make In India का शेर गुर्राने-दहाड़ने के बजाय 5 साल तक मिमियाते रहा. पूंजी निवेश लाने और रोज़गार सृजन- दोनों ही मामले में इवेंट मैनज्मेंट के सहारे काग़ज़ पर बनाया गया मेक-इन-इंडिया का शेर चारों खाने चित्त हो गया.”

उन्होंने आगे कहा कि संगठित, असंगठित, निजी व सरकारी क्षेत्र- सभी की स्थिति बद से बदतर है. हर क्षेत्र से रोजगार के अवसर खत्म ही नहीं हो रहे बल्कि कार्यरत मानव संसाधन की छटनी भी बदस्तूर जारी है. BSNL, ONGC जैसी नवरत्न कम्पनियों को जानबूझकर नीम हकीम नीतियों से घाटे में धकेला जा रहा है, विनिवेश की ज़मीन तैयार की जा रही है.

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तेजस्वी यादव ने कहा कि युवाओं व बेरोजगारों को अंधेरे में रखने के लिए सरकार ने तीन-तीन बार बेरोजगारी के आँकड़े प्रकाशित होने से रोक दिया गया. हाल ही में MUDRA योजना के द्वारा करवाए गए बेरोजगारी पर एक रिपोर्ट को भी प्रकाशित होने से रोक दिया.

नेता प्रतिपक्ष ने कहा “श्रमिक वर्ग का 80% प्रतिशत, कुल मानव संसाधन का एक चौथाई और कौशल प्राप्त कर्मियों का एक तिहाई भाग आज भी निर्धनता से जूझ रहा है. मोदी जी के आसमानी वादों के मारे करोड़ों युवा नौकरी की तलाश में दर-दर भटक रहे है.” उन्होंने आगे कहा कि छलावा पार्टी की छलिया सरकार ने भर्ती के बहाने आवेदन पत्रों की फ़ीस के नाम ही बेरोज़गार युवाओं से हज़ारों करोड़ रुपए लूट लिए. अकेले रेलवे ने बेरोजगारों के आवेदनों से अरबों कमाए है.

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तेजस्वी यादव ने युवाओं से आग्रह करते हुए कहा कि युवाओं का ध्यान भटकाने के लिए सामाजिक सौहार्द के साथ खिलवाड़ हो रहा है. युवाओं को काल्पनिक शत्रु दिखा कर बेरोज़गारी के सवाल से दूर किया जा रहा हैं. मोदी सरकार बेरोज़गारी पर बात करने से क्यों डरती है? युवा साथियों से आग्रह है वो अपने जीवन को प्रभावित करने वाले मुद्दों को आगामी चुनाव में तरजीह दे। मोदी जी से 2014 के घोषणा पत्र पर सवाल जवाब करे.

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राजनीति, क्राइम और खेलकूद....

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