लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : लोकसभा चुनाव परिणामों से साफ है कि बिहार में भी BJP+ के पक्ष में जबरदस्त लहर थी. महागठबंधन इसे भांपने में नाकामयाब रहा. स्पष्ट तौर पर बिहार में भी इस चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यों का जादू वोटरों के सिर चढ़कर बोला. साथ ही, एनडीए के चुनावी प्रबंधन और रणनीति का भी तड़का लगा और उसने 40 में 39 सीटें झटक लीं.

लोकसभा चुनाव के साथ बिहार में कई चीजें स्पष्ट दिख रही हैं. इस बार के चुनाव में प्रदेश के मतदाताओं ने जहां महागठबंधन की जातीय गोलबंदी को ध्वस्त कर दिया वहीं न तो बाहुबल चला और न ही धनबल. एनडीए में नीतीश की वापसी का साफ दिख रहा है. लालू यादव की अनुपस्थिति में राजद की बिहार में अबतक की यह सबसे बड़ी पराजय है. RJD की खाते में एक भी सीट नहीं आई. तेजस्वी यादव का रणनीति फेल हो गया.

इतना ही नहीं भाजपा के उम्मीदवारों ने तो औसत मत प्राप्त करने और जीतने में अपने ही खेमे के सहयोगियों पर बड़ी लीड ली. बीजेपी के तीन प्रत्याशियों ने तो चार लाख से भी अधिक वोटों से जीत हासिल की है.

सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड मधुबनी के बीजेपी प्रत्याशी अशोक यादव ने बनाया.  अशोक कुमार यादव ने शानदार तरीके से अपनी बेवाक छवि के लिए मशहूर अपने पिता यानी हुकुमदेव नारायण यादव की विरासत बचाई है. उन्होंने अपने विरोधी को कुल चार लाख 54 हजार 940 वोटों से हराया.

अशोक यादव के खाते में कुल 61.83 प्रतिशत मत आए हैं. उन्हें कुल 5,94,811 मत मिले. इसके बाद विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के बद्री कुमार पूर्वे के खाते में कुल 1,40,903 मतों के साथ दूसरे नंबर पर रहे. वहीं, कांग्रेस से बागी तेवर अपनाकर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री शकील अहमद 131530 मतों के साथ तीसरे नंबर पर रहे.

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दूसरे नंबर पर बेगूसराय के बीजेपी उम्मीदवार गिरिराज सिंह रहे. उन्होंने सीपीआई के कन्हैया कुमार को चार लाख 22 हजार 217 वोटों से मात दी. गिरिराज सिंह ने यहां 56 फीसदी से ज्यादा वोट हासिल करते हुए 6,85,239 वोट बटोरे, जबकि लेफ्ट फ्रंट के संयुक्त उम्मीदवार कन्हैया कुमार को 2,67,233 वोट ही मिले. आरजेडी के तनवीर हसन को 1,96,573 मत मिले हैं.

मुजफ्फरपुर में भारतीय जनता पार्टी के अजय निषाद भी ज्यादा पीछे नहीं रहे. उन्होंने भी अपने विरोधियों पर चार लाख छह हजार 407 वोट के अंतर से बड़ी जीत हासिल की. बिहार में एनडीए की जीती हुई सीटों के जीत का अंतर निकालें तो औसत 2.19 लाख वोटों का होता है. अजय को 659833 और राजभूषण को 254832 वोट मिले. मुजफ्फरपुर सीट पर पिछले 20 सालों से एनडीए का दबदबा रहा है.