लोकसभा चुनाव 2019 : बिहार की महिलाएं राजनीति में खोज रही हैं बड़ी हिस्सेदारी

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : ऐसे समय में जब भारतीय राजनीति में धर्म और जातिगत समीकरण को देखते हुए राजनीतिक दलों द्वारा उम्मीदवारों का चयन किया जाता है. वहीं, बिहार में महिलाएं चुनाव की धारा को मोड़ने की क्षमता रखती हैं . राजनीति में अपनी हिस्सेदारी के लिए संघर्ष भी कर रही हैं.

माना जा रहा हैं कि बिहार में महिलाएं एक बड़े वोट बैंक के रूप में उभर रही हैं, अगर राज्य में 2014 के लोकसभा चुनाव और 2015 के विधानसभा चुनाव को देखा जाए तो उनकी भागीदारी बढती दिख रही है. 2015 के विधानसभा चुनावों में कई निर्वाचन क्षेत्रों में महिला मतदाताओं ने पुरुषों को वोट प्रतिशत के मामले में पछाड़ दिया था.

हालांकि, मतदान में लैंगिक अंतर कम होने के बावजूद, बिहार की चुनावी राजनीति में महिलाओं की हिस्सेदारी अभी भी उत्साहजनक नहीं है. लेकिन अब पंचायतों में चुने गए प्रतिनिधियों में महिलाओं की संख्या 50% हैं. वहीं, जिला बोर्डों में उनका प्रतिशत 60% के आसपास है.

उम्मीद की किरण यह है कि बिहार में पिछड़ेपन के बावजूद महिलाओं का प्रतिनिधित्व कई विकसित और साक्षर राज्यों की तुलना में अधिक है.

वर्तमान में लोकसभा में 61 महिला सदस्य हैं. पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक (14 सांसद) चुने गए, उसके बाद यूपी (13), झारखंड, हरियाणा और मेघालय में कोई नहीं है. केरल, J & K और उड़ीसा में एक-एक है. जबकि बिहार में 3 महिला सांसद है.

राजद विधायक एज्या यादव ने अंग्रेजी अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स से कहा है कि अगर उच्चतम स्तर पर महिलाओं को ज्यादा अवसर दिया जाएगा. तभी उनको अभी की राजनीति में प्रवेश करने में आसानी होगी. उन्होंने कहा, केंद्र में भाजपा की अगुवाई वाली सरकार है और बिहार में नीतीश कुमार हैं. उन्हें भी महिलाओं को बढ़ावा देना चाहिए. उड़ीसा में, मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने लोकसभा चुनावों के लिए सीटों के आवंटन में 33% कोटा देने की घोषणा की है. जब तक महिलाओं को शीर्ष पर अवसर नहीं मिलेगा, चीजें बदल नहीं सकती हैं.

उन्होंने कहा कि राजद में सबसे अधिक 10 महिलाएं विधायक थीं. “हम आशा करते हैं कि राजद अधिक महिलाओं को चुनावी मैदान में उतारेगी. राजद के अलावा सभी दलों को महिलाओं को आगे लाने की जरूरत है.

हालांकि 2014 के लोकसभा चुनावों में महिलाएं रिकॉर्ड संख्या में मतदान करने के लिए निकली थीं. लेकिन चुनाव में विभिन्न राजनीतिक दलों ने महिलाओं को सीमित संख्या में उम्मीदवार बनाया. लेकिन, उनकी जीत की दर पुरुष समकक्षों की तुलना में बहुत बेहतर थी.

बिहार की 16वीं लोकसभा में बमुश्किल तीन महिलाएं ही MP बन सकीं, जबकि 2009 में बिहार में चार महिला सांसद थीं.  बिहार में 40 लोकसभा सीटें में महिला सांसदों की संख्या 3 हैं. 2014 में देश भर से सबसे अधिक 66 महिलाओं के लोकसभा में पहुंचने के बावजूद ऐसा हुआ.

वर्तमान बिहार विधानसभा में से 11% महिला विधायक हैं क्योंकि 272 में से केवल 28 महिलाएं ही जीत सकती हैं. वहीं, 2010 में 34 महिलाओं को जनता ने चुना था.

भाजपा के विधायक सुखदा पांडे ने हिंदुस्तान टाइम्स से कहा कि महिलाओं के लिए निर्णय लेने और शासन की प्रक्रिया में शामिल होना महत्वपूर्ण था और यह तभी हो सकता है जब उन्हें विधानसभाओं, लोकसभा और राज्यसभा में प्रतिनिधित्व मिल सके.

चुनावों में महिलाओं की संख्या

वर्षों से संसद या राज्य विधानसभा में महिलाओं का प्रतिनिधित्व उत्साहजनक नहीं रहा है.

चुनावों में महिलाओं द्वारा जीती गई सीटों की संख्या

     लोकसभा चुनाव

      साल     जीता

      2014    3

     2009    4

     2004    3

    विधानसभा चुनाव

    साल     जीता

   2015    28

   2010    34

   2005 (अक्टूबर) -25

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राजनीति, क्राइम और खेलकूद....

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