मधुबनी विधायक ने क्वारंटाइन सेंटर का लिया जायजा, जरूरतमंदों के बीच बांटे ड्राई फ्रूट्स

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: वैश्विक महामारी सें विश्व परेशान है. भारत में लॉकडाउन लागू है. लोग कई तरह के एहतियातन बरत रहे है. सोशल डिस्टेंस के साथ लोग घरो मे रहकर लॉकडाउन का पालन कर रहे है लॉकडाउन 4.0 चल रही है.

लॉकडाउन 4.0 मे सरकार ने जान है तो जहान की तर्ज पर लोगों को काफी रियायते दी है. उसी के अन्तर्गत अन्य राज्यो मे फंसे प्रवासियों को अपने घर जाने के लिये कई श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई है.



छूट मिलने के बाद प्रवासियों का जिला में ट्रेन एवं बसों से आना जारी है. वैसे प्रवासियों के लिये सरकार ने गाइडलाइन जारी किये है. उन्हें जांच के बाद 14 दिनों तक क्वारंटाइन सेंटर में रहना होगा, जहां उसे ख़ाना-पीना से लेकर घोषित हर सुविधा प्रदान की जायेगी.

जिला प्रशासन के द्वारा कई क्वारंटाइन सेन्टर बनाई गई है, जिसमे अन्य राज्यों से आने वाले प्रवासियों को रखा जा रहा है. इसी बीच सोशल मीडिया एवं अन्य न्यूज़ चैनलो में क्वारंटाइन सेंटरों की कुव्यवस्था सुर्खियां बन गयी है. सुविधा विहीन क्वारंटाइन सेंटरों को लेकर उसमें रह रहे प्रवासियों द्वारा हंगामा करने की भी खबर आ रही है.

इसी के मद्देनजर राष्ट्रीय जनता दल के नगर विधायक समीर कुमार महासेठ ने पन्डौल प्रखंड के अन्तर्गत प्रसिद्ध स्कूल विवेकानंद मिशन विद्यापीठ में बने क्वारंटाइन सेंटर का जायजा लिया. वहां रह रहे प्रवासियों ने सेंटर में हो रही अपनी समस्याओं से विधायक को अवगत कराया.

खासकर आठ परिवारों ने बताया कि उनका छोटा-छोटा बच्चा है, जिसको दूध की जरूरत है. लेकिन कहने के बावजूद दूध नहीं मिल रहा है. प्रवासियों की समस्या सुनकर तत्काल ही विधायक ने वैसे जरूरतमंद आठ परिवारो के बीच अपने तरफ से ड्राय फ्रूट सहित अन्य 12 जरूरी सामानों का वितरण किया, जिसे पाकर प्रवासियों के चेहरे खिल उठे.

उसके बाद राजद विधायक समीर कुमार महासेठ ने पन्डौल प्रखंड कार्यालय में जाकर प्रखंड विकास पदाधिकारी से विवेकानंद मिशन विद्यापीठ स्कूल में बने क्वारंटाइन सेन्टर में रह रहे प्रवासियों की समस्या को लेकर विस्तार से बात की.

पन्डौल प्रखंड विकास पदाधिकारी ने क्वारंटाइन सेंटरों में रह रहे प्रवासियों के छोटे-छोटे बच्चों को तुरंत ही दूध उपलब्ध करने का संबधित को आदेश दिया.