लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कैब (सिटीजन अमंेडमेंट बिल) पर विपक्ष के रवैये को छद्म सेक्यूलरिज्म बताया है. पांडेय ने कहा कि कांग्रेस एवं राजद समेत तथाकथित धर्म निरपेक्ष पार्टियां अपनी नैया डुबती देख न सिर्फ अल्पसंख्यकों को भड़का रही हैं, बल्कि हिंसक विरोध का प्रत्यक्ष रूप से समर्थन कर रही हैं. बिल को लेकर आगामी 21 दिसंबर को राजद का बिहार बंद अल्पसंख्यकों के विकास के लिए नहीं, बल्कि दल का अस्तित्व बचाने को लेकर है.

पांडेय ने कहा कि राजद नेता तेजस्वी यादव नागरिकता संशोधन बिल को लेकर राज्य में भ्रम और हिंसा का माहौल बना रहे हैं, लेकिन सूबे की जनता उनके मंसूबे को सफल नहीं होने देगी. तेजस्वी यादव अल्पसंख्यकों के नाम पर घड़ियाली आंसू बहा अपनी सियासत चमकाने की असफल कोशिश कर रहे हैं.

भाजपा नेता ने कहा कि पूर्व में कांग्रेस और उसके बाद 15 साल तक राजद ने अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए तो कुछ नहीं किया, लेकिन वोट बैंक के रूप में अब तक जरूर इस्तेमाल कर रही है. अब जब एनडीए की सरकार ऐसे लोगों का विकास कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ रही है, तो तेजस्वी यादव को पच नहीं रहा है.

पांडेय ने कहा कि कांग्रेस हो या राजद, इनकी राजनीतिक दुकानदारी अंग्रेज शासकों की तरह फूट डालो और राज करो के फार्मूले पर चलती है. समग्र विकास से कोसों दूर ऐसी सियासी पार्टियां हमेशा आग में घी डाल उस आग में अपनी राजनीतिक रोटी सेंकती है. पांडेय ने कहा कि राजद के 15 साल की तुलना एनडीए के 15 वर्षों में अल्पसंख्यकों को न सिर्फ सम्मान और सुरक्षा मिला, बल्कि विकास में बराबर की भागीदारी मिली. उनके उत्थान के लिए अनेकों योजनाएं चलायी गईं. यही कारण है कि बिहार ही नहीं पूरे भारत के अल्पसंख्यकांे ने यह मान लिया है कि अब उनकी तरक्की एनडीए के शासन में ही संभव है. राज्य की जनता राजद के बिहार बंद के आह्वान को पूरी तरह से नकार देगी.