किसानों की पांच दशक पुरानी मांगों पर केंद्र ने लगाई मुहर : मंगल पांडेय

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अर्थव्यवस्था में जान डालने के लिए लिए गए फैसले पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि कैबिनट की दूसरी बैठक में भी किसानों पर विशेष फोकस किया गया है. मंगल पांडेय ने कहा कि आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन कृषि उत्पाद के क्षेत्र में एक बड़ा और क्रांतिकारी कदम है. किसानों को अब कहीं भी और ज्यादा कीमत देने वाले को अपना उत्पाद बेचने के लिए अनुमति देने से किसानों को फसल बेचने में कठिनाई नहीं होगी.


मंगल पांडेय ने कहा कि अनाज, तेल, तिलहन, दाल, प्याज, आलू जैसे कृषि उत्पाद को आवश्यक वस्तु अधिनियम के दायरे से बाहर कर दिए जाने से अब किसान योजना के मुताबिक भंडारण कर सकता है और इसकी बिक्री कर सकता है. किसान 50 सालों से इन बदलावों की मांग कर रहे थे.



स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अब देश में किसानों के लिए एक देश एक बाजार की प्रणाली होगी. यही नहीं संशोधन के अनुसार कारोबारी और किसान के बीच कोई विवाद की स्थिति बनेगी तो इसे कोर्ट से बाहर रखा जाएगा. अब एसडीएम के फैसले से असंतुष्ट होने पर कलेक्टर के पास अपील की जाएगी.

मंगल पांडेय ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट की पहली बैठक में जहां सरकार ने खरीफ की 14 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ा लागत का डेढ़ गुना किया था, वहीं दूसरी बैठक में एक बार फिर किसानों की खुशहाली के लिए बड़ा निर्णय लिया है.