लालू के लाल से खफा राजद के और कई विधायक हैं एनडीए के संपर्क में : मंगल पांडेय

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : महागठबंधन और राजद में टूट पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि यह तो ट्रेलर है, पिक्चर अभी बांकी है. विस चुनाव के अधिसूचना के पूर्व ही राजद धराशायी होने लगा है. यही नहीं गुरुवार को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के समधी ने भी राजद को बाय-बाय कर एनडीए पर भरोसा जताया है. इसके अलावे भी लालू के लाल तेजस्वी यादव से खफा राजद के अन्य बागी विधायक भी एनडीए के संपर्क में हैं. ऐसे विधायकों की लंबी फेहरिस्त है. जल्द ही ऐसे माननीय जेडीयू और बीजेपी का दामन थामेंगे. मंगल पांडेय ने कहा कि इसमें राजद के कई बड़े नेता भी शामिल हैं. वहीं दूसरी ओर महागठबंधन में शुरू से ही अपमानित पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी की पार्टी ने भी महागठबंधन से दूरी बना नेता प्रतिपक्ष की उम्मीदों पर पानी फेरने का काम किया है.


स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राजद में यह बिखराव नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के अहं के कारण है. सच यह है कि वहां लोगों को फजीहत झेलना पड़ रहा है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के द्वारा लगातार किये जा रहे अनर्गल प्रलाप के कारण उनके विधायकों को क्षेत्र में जनता के कोप का सामना करना पड़ रहा है. बाढ़ हो या कोरोना दोनों के ही संकटकाल में लगातार झूठी बातें बोलने के कारण जनता में नाराजगी बढ़ रही है और उसका खामियाजा माननीय को भुगतना पड़ रहा है.



उन्होंने कहा कि मतदाताओं की नाराजगी को ही भांपकर विधायकों में राजद छोड़ने की होड़ मची है. यह बात अलग है कि विगत दिनों राजद ने अपने तीन विधायकों को पार्टी से निष्कासित कर दिया, लेकिन निष्कासित विधायक निष्कासन से पहले ही माननीय मुख्यमंत्री और एनडीए के प्रति आस्था जता चुके थे.


मंगल पांडेय ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष भले ही अपने को भावी मुख्यमंत्री समझते हों, लेकिन महागठबंधन के साथी दल और उनकी पार्टी के विधायक उन्हें इसके काबिल नहीं समझते हैं. यही कारण है कि टुकड़े-टुकड़े में विधान पार्षद और विधायक राजद को अलविदा कह रहे हैं. राजद के विधायकों और महागठबंधन में शामिल दलों की लगातार उपेक्षा हो रही थी.

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ‘हम’ ने जहां स्पष्ट आरोप लगाया है कि तेजस्वी तानाशाह की तरह व्यवहार करते हैं एवं इनको राजनीति का कोई ज्ञान नहीं है. वहीं लंबे अरसे से लालू प्रसाद के साथ साया की तरह रहे उनके समधी ने भी आज क्लीयर कर दिया है कि राजद में सिर्फ टूट ही नहीं हो रही, बल्कि राजद का हाल खस्ता है. यही कारण है कि दोनों भाई चुनाव जीतने के लिए सुरक्षित सीट की तलाश कर रहे हैं.