विपक्षी पार्टियों का रवैया किसानों को गुमराह करने वाला : मंगल पांडेय

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि कृषि बिल पर कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों का रवैया किसानों को गुमराह करने वाला है. विपक्षी सांसदों के गतिरोध के बावजूद एनडीए सरकार ने दो महत्वाकांक्षी और ऐतिहासिक कृषि बिल को राज्यसभा से पास करा किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनके जीवन में खुशहाली लाने की कोशिश की है.

मंगल पांडेय ने कहा कि रविवार को राज्यसभा में कृषि बिल को लेकर विपक्षी सांसदों का आचरण लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला है. राज्यसभा के इतिहास में यह पहली घटना है, जब विपक्षी सांसदों ने आसन के सामने अमर्यादित आचरण करते हुए हंगामा और तोड-़फोड़ किया. इस घटना ने न सिर्फ सदन की गरिमा को तार-तार करने का काम किया, बल्कि किसानों की हकमारी का भी असफल प्रयास किया है.




स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कृषि बिल को लेकर कांग्रेस का हाल आजादी के बाद से ही उदासीन रहा है. सात दशक के दौरान कांग्रेस और उसकी सहयोगियों ने किसानों को छलने और शोषण करने का काम किया है. विपक्षी सांसदों ने माननीय सभापति के सामने बिल की काॅपी फाड़ और माइक तोड़ कर जिस प्रकार अपना विरोध प्रकट किया वह अशोभनीय ही नहीं, बल्कि किसानों का मुंह चिढ़ाने वाला है. कृषि बिल का विरोध कर कांग्रेस एवं सभी विपक्षी पार्टियां ने किसानों के साथ खिलवाड़ करने का काम किया है.

मंगल पांडेय ने कहा कि इस बिल के लागू होने से जहां किसानों को बिचैलियों से मुक्ति मिलेगी, वहीं किसानों को अपनी आय दुगुनी करने में मददगार होगी. बिचैलियों को इस बिल से सदमा पहुंचा है. इसलिए किसानों के लिए विकासोन्नमुखी बिल का विरोध हो रहा है. एपीएमसी एक्ट से किसानों को हो रहे नुकसान से बचाने के लिए कृषि सुधार बिल संसद में लाया गया था. यह बिल किसानों के लिए रक्षा कवच होने के बावजूद समूचा विपक्ष बिल का विरोध करने पर अंत तक अड़ा रहा, लेकिन विपक्ष की एक ना चली.