लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार और उत्तर प्रदेश के कई अपराधिक गिरोहों के पास नाटो ( North Atlantic Treaty Organization) द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले हथियार हो सकते हैं. ख़ुफ़िया रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि आपराधिक गिरोहों के पास नाटो की स्ट्राइक कोर में इस्तेमाल आने वाली एमए-आइ असाल्ट राइफल, एके-47 के अलावा एमआइ कारबाइन असाल्ट राइफल, एम 79 ग्रेनेड लांचर हो सकते हैं.

खबर के अनुसार म्यांमार आर्मी की स्ट्राइक डिवीजन में पैठ बनाए हथियार तस्करों ने इन घातक विदेशी हथियारों की उपलब्धता कराई है. ये सभी हथियार म्यांमार आर्मी इस्तेमाल करती है.

10 फरवरी 2019 को पूर्णिया जिले के बायसी में पकड़े गए विदेशी हथियारों की खेप के बाद खुफिया विभाग एक्शन में आया और चौंकाने वाला खुलासा किया है. इस आधार पर म्यांमार सीमा से सटे भारतीय इलाकों के अलावा सीमांचल और पूर्वी बिहार में हथियार तस्करी में लगे गिरोहों को दबोचने को अभियान चलाया जा रहा है.

ये भी पढ़ें : BREAKING : शहाबुद्दीन के करीबी युसुफ हत्याकांड के गवाह की गोली मारकर हत्या

बताया जा रहा है कि म्यांमार आर्मी और अराकान विद्रोही गुट में छिड़ी जंग का फायदा भी हथियार तस्कर उठाकर उनसे घातक विदेशी हथियार खरीद रहे हैं. म्यांमार के पलेटवा, मुलाव आदि क्षेत्र में म्यांमार आर्मी और अराकान विद्रोहियों में चले संघर्ष के बाद आर्मी की ज्यादती से सैकड़ों की संख्या में म्यांमार के लोग भारतीय सीमा में प्रवेश कर गए हैं. ऐसे लोगों के झुंड में अराकान विद्रोही गुट के भी कई सदस्य मिजोरम के जोचाछुआ और हावांगबुछुआ में शरण ले रखे हैं.

फ्री जोन का फायदा उठा रहे तस्कर

म्यांमार और भारत के बीच लगती सीमा के 16 किलोमीटर के फ्री जोन का भी फायदा उठाकर तस्कर वहां से घातक विदेशी हथियारों को भारतीय सीमा में ला रहे हैं. इन विदेशी हथियारों को बिहार के पूर्णिया, खगडिय़ा, भागलपुर, मुंगेर, मोकामा, लखीसराय, बेगूसराय, पटना, आरा, बक्सर, सिवान, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर के अलावा उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद, गोरखपुर, वाराणसी, आजमगढ़, जौनपुर आदि जिलों में सक्रिय आपराधिक गिरोहों को बेचा जा रहा है.