डीजीपी की मौजूदगी में हुई बड़ी मीटिंग, बीएमसी को प्रोटेस्ट लेटर भेज रहे हैं पटना के आईजी

पटना/अमित जायसवाल : रविवार की देर रात पटना के सिटी एसपी सेंट्रल विनय तिवारी के साथ मुंबई बीएमसी के अधिकारियों ने जो व्यवहार किया. उस पर बिहार पुलिस के अधिकारियों में गहरी नाराजगी है. इस पूरे मामले पर सोमवार को बिहार पुलिस मुख्यालय में एक बड़ी मीटिंग हुई.

मुंबई पुलिस और बीएमसी के रवैये को लेकर काफी सारी बातें हुई. एक्टर सुशांत सिंह राजपूत के मामले की जांच आगे किस प्रकार से की जानी है, इसे लेकर एक रणनीति बनाइ गई है.



करीब डेढ़ घंटे तक चली इस मीटिंग को खुद डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने लीड किया. उनके साथ इस मीटिंग में एडीजी हेडक्वार्टर जितेंद्र कुमार, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमित कुमार, एडीजी स्पेशल ब्रांच जितेंद्र सिंह गंगवार, पटना सेंट्रल रेंज के आईजी संजय कुमार और पटना के एसएसपी उपेंद्र कुमार शर्मा शामिल थे.

चोरी छिपे नहीं गए थे, फिर ऐसा क्यों किया?

डीजीपी ने बीएमसी के व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि बीएमसी के अधिकारियों ने बहुत गलत किया है. आईपीएस विनय तिवारी कोई चोरी छिपे मुंबई नहीं गए थे. सिटी एसपी सेंट्रल के जाने की सूचना पटना के एसएसपी ने खुद ऑफिसियल तौर पर मुंबई पुलिस को दे दी थी. आईपीएस मेस की मांग की गई थी. गाड़ी मुहैया कराने को कहा गया था. इसके बाद भी आश्चर्यजनक हरकत हुई.

टाइप हो चुका है प्रोटेस्ट लेटर

बीएमसी को बिहार से एक प्रोटेस्ट लेटर भेजा जा रहा है. लेटर को पटना सेंट्रल रेंज के आईजी संजय सिंह की तरफ से लिखा गया है. लेटर टाइप को टाइप किया जा चुका है. जल्द ही उसे बीएमसी को भेज दिया जाएगा. डीजीपी ने कहा कि बीएमसी की गाइड लाइन को हमलोगों ने भी देखा है. उसमें यह है कि दो दिन से अधिक दिनों के लिए जो भी मुम्बई जाएगा, उनको क्वारेंटाइन होना होगा. मगर आईपीएस विनय तिवारी ऑफिसियल गए थे.