VIDEO : कटिहार में JDU के मुस्लिम सम्मेलन में टोपी पहनने से इन्कार कर गए मंत्री बिजेंद्र यादव

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी और उनके कैबिनेट में तीसरे नंबर के मंत्री माने जाने वाले बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बखेड़ा खड़ा कर दिया है. बिहार कैबिनेट में ऊर्जा मंत्रालय का काम संभाल रहे यादव ने अपनी ही पार्टी द्वारा आयोजित मुस्लिम समाज के कार्यक्रम में टोपी पहनने से मना कर दिया. बिजेंद्र प्रसाद यादव द्वारा टोपी पहनने से मना किए जाने का वीडियो बड़ी तेजी से सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है. घटना कटिहार की है. कटिहार सीमांचल का इलाका है, जहां वैसे भी मुस्लिम आबादी की अधिकता है.

बिजेंद्र यादव द्वारा मुस्लिम समाज की आस्था के प्रतीक टोपी को पहनने से इन्कार करने के बाद विपक्ष ने पार्टी की नीतियों पर सवाल खड़े किए हैं. बता दें कि जदयू आजकल अलग-अलग जातियों और धर्मों का सम्मेलन आयोजित कर रही है. इसी सिलसिले में पार्टी ने बिहार के जिलों में मुस्लिम सम्मेलन करने का फैसला किया है. इसे ही लेकर कटिहार में सियासी व तालीमी बेदारी कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया था.

इस कार्यक्रम में शामिल होने मंत्री बिजेंद्र यादव, विधान परिषद के उपसभापति हारून रशीद, एमएलसी खालिद अनवर सहित कई नेता पहुंचे थे. स्वागत के दौरान सभी मुख्य अतिथियों को सम्मान स्वरूप गमछा ओढ़ाया गया और फिर टोपी पहनाई गई थी. जैसा कि वीडियो देखने से स्पष्ट हो रहा है कि जब जदयू प्रतिनिधि ने यादव को गमछा ओढ़ाया, तब उन्होंने स्वीकार कर लिया. हालांकि इसके बाद जब उस प्रतिनिधि ने उन्हें टोपी पहनाने की कोशिश की, तो फिर यादव में उनके हाथ रोक दिए और टोपी लेकर पीछे खड़े अपने सहयोगी को दे दी.

बिजेंद्र यादव के इस कदम को लेकर बिहार में राजनीति भी शुरू हो गई है. सवाल यह पूछा जाने लगा है कि भाजपा के जाने के बाद क्या अब जदयू को भी मुस्लिम असलियत वोटों की जरूरत नहीं है? मुस्लिम वोटों के लिए ही जदयू ने आज इस कार्यक्रम का आयोजन किया था. लेकिन इसी कार्यक्रम में उन्हीं के पार्टी के मंत्री ने टोपी पहनने से इंकार कर नए विवाद को जन्म दे दिया.

इस घटना पर कटिहार के स्थानीय नेता मोहम्मद सलाउद्दीन ने कहा है कि जदयू अब भाजपा के एजेंडे पर काम कर रही है. मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने पहले मजार पर जाने से भी मना कर दिया था. कटिहार के राजद नेताओं ने तो इसे मुसलमानों का अपमान तक करार दे दिया.

इस घटना को लेकर जदयू की ओर से सफाई भी दी गई है. पार्टी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष मोहम्मद माजिद ने मीडिया को कहा है कि मंत्री विजेंद्र यादव ने टोपी भले ही न पहनी हो, लेकिन उसे कबूल तो कर ही लिया. इसलिए इस घटना पर राजनीति नहीं होनी चाहिए.

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