लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार में 17 फरवरी से नियोजित शिक्षक हड़ताल पर हैं. इसको लेकर पक्ष-विपक्ष के बीच सियासत भी जारी है. बीजेपी एमएलसी नवल किशोर यादव ने एक बार फिर से इस मामले पर बड़ा बयान दिया है. बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर को हैसियत में रहने की सलाह दे डाली है.

नवल किशोर ने आगे कहा कि बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर शिक्षकों के हड़ताल पर नहीं बोले. उनका काम स्कूल चलाना है. वह बिहार नहीं चला रहे हैं. उनको हैसियत में बात करनी चाहिए. भारत का संविधान किसी को हैसियत से बाहर बोलने की इजाजत नहीं देता है. वह स्कूल चलाते हैं न की बिहार को चलाते हैं.

सरकार को शिक्षकों की मांग पूरी करनी चाहिए

एमएलसी नवल किशोर यादव ने कहा कि शिक्षकों के जो नेता हैं उनसे सरकार बात करें और यह जो हड़ताल है उसे समाप्त करें. शिक्षकों की जो  3 मांगे हैं- पहला स्थानांतरण नीति, दूसरा प्रोमोशन और तीसरा समान काम समान वेतन की जो मांग है उसे सरकार को पूरा करना ही चाहिए.

कॉपी जांच नहीं हुई तो परेशानी बढ़ जाएगी

उन्होंने कहा कि शिक्षकों की अगर बात नहीं मानी गई और हड़ताल जारी रहा तो गरीबों के बच्चों का ही नुकसान होगा. सरकारी स्कूलों में अमीर नहीं गरीब के बच्चे पढ़ते हैं. उनकी कॉपी जांच नहीं हुई तो परेशानी बढ़ जाएगी. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर के सवाल पर नवल किशोर ने कहा कि कि वह अपनी हैसियत में रहे. वो विद्यालय समिति चलाते हैं बिहार नहीं. बिहार को सरकार चलाती है. इसलिए वह अपने हैसियत में रहे और उनको कोई पूछता भी नहीं है. यादव आनंद किशोर के उस बयान पर भड़के थे जिसमें कहा गया था कि वह हड़ताल के दौरान भी कॉपी जांच करा लेंगे.

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