मुजफ्फरपुर: आपसी सौहाद्रता की अनूठी मिसाल, यहां सोमवारी के दिन नहीं देंगे कुर्बानी

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: इस बार सावन की अंतिम सोमवारी और बकरीद एक ही दिन पड़ रहा है. ऐसे में सुरक्षा को लेकर बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय ने आज फेसबुक लाइव आकर लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है और लोगों को आपसी सौहाद्रता के साथ पर्व मनाने के लिए कहा है. एक ही दिन सावन की अंतिम सोमवारी और बकरीद पड़ने से प्रशासन बेहद सतर्क है, वहीं बिहार के मुजफ्फरपुर में लोगों ने सौहाद्रता की अनूठी मिसाल पेश करते हुए सोमवार के दिन कुर्बानी नहीं मनाने की बात कही है.

बिहार के मुजफ्फरपुर के छाता बाजार के मुस्लिम समुदाय के दर्जनों परिवारों ने सोमवार को कुर्बानी नहीं करने का फैसला लिया है. स्थानीय लोगों ने सोमवारी उसी दिन होने की वजह से  बकरीद की कुर्बानी को एक दिन के लिए टालने का बड़ा फैसला लिया है. वार्ड पार्षद केपी पप्पू के आग्रह पर मुस्‍लिम समुदाय के लोगों ने भाईचारा बनाए रखने का यह ऐतिहासिक फैसला किया है. स्थानीय मुसलामानों ने गरीबस्थान में अंतिम सोमवारी के अवसर पर जलाभिषेक के लिए आने वाले लोगों के भावनाओं का ख्याल रखते हुए ये फैसला लिया है.

इस सम्बन्ध में मुजफ्फरपुर के छाता बाजार मस्जिद के इमाम मौलाना सईदुज्जमां एवं मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष दिलशाद अहमद व सचिव हाजी मो. आजाद ने समुदाय के लोगों से बकरीद की कुर्बानी मंगलवार को करने की अपील की. उन्‍होंने बताया कि इस अपील के बाद मुसलमानों ने बकरीद के प्रथम दिन (सोमवार) को कुर्बानी नहीं करने का फैसला किया है. हालांकि नमाज अपने वक्‍त पर ही होगा.

आपको बता दें कि सावन के मौके पर मुजफ्फरपुर स्थित बाबा गरीबनाथ मंदिर में लाखों की संख्या में शिवभक्‍त उमड़ते हैं. सावन की अंतिम सोमवारी होने की वजह से इस दिन और भी संख्या में श्रद्धालुओं के गरीबस्थान मंदिर में पहुंचने की उम्मीद है. ऐसे धार्मिक भावना का ख्याल रखते हुए मुसलमानों ने यह फैसला लिया गया. छाता बाजार मस्जिद के सचिव ने बताया कि छातापुर बाजार के करीब ढाई से तीन दर्जन मुस्लिम परिवारों ने बकरीद के अगले दिन कुर्बानी देने पर सहमति जताई है.

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