Caste Census : नरेंद्र मोदी की सरकार ने लालू-नीतीश को दिया झटका, जातीय जनगणना पर केंद्र ने साफ-साफ कह दिया- ‘ऐसा नहीं हो सकता’

लाइव सिटीज, राजेश ठाकुर : नरेंद्र मोदी की सरकार ने लालू-नीतीश को करारा झटका दिया है. केंद्र ने उन नेताओं की वर्षों की मांग को ठुकरा दिया है. केंद्र ने साफ-साफ मना कर दिया है. केंद्र ने कह दिया है कि वह जातीय जनगणना नहीं करा सकता है. केवल एससी-एसटी की ही अलग से जनगणना करायी जा सकती है. केंद्र के इस दो टूक फैसले से आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को करारा झटका लगा है.

दरअसल, आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की लगातार मांग रही है कि देश में जातीय आधारित जनगणना करायी जा रही है. आरजेडी और जेडीयू के अलावा अन्य दल भी जातीय जनगणना की मांग करते आ रहे हैं. इसे लेकर समय -समय पर बयानबाजी भी होती रही है. हालांकि, जातीय जनगणना के पक्ष में न तो कभी कांग्रेस खुलकर आती है और न ही बीजेपी की ओर से ही कोई बयान आता था. जबकि वामदलों की ओर से भी जाति के आधार पर जनगणना कराने की मांग की जाती रही है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तो इसे लेकर विधानसभा में प्रस्ताव भी पारित करा चुके हैं. वह भी एक बार नहीं, बल्कि दो-दो बार प्रस्ताव पारित किया जा चुका है. प्रस्ताव में सर्वसम्मति से कहा गया था कि साल 2021 में जातीय आधारित जनगणना करायी जाय. सबसे पहले 2019 में प्रस्ताव पारित किया गया था. बाद में 2020 के फरवरी माह में प्रस्ताव पारित किया गया था. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तो यहां तक कहा था कि जातीय आंकड़े से ही हर तबके का विकास होगा. ऐसे में जातीय जनगणना जरूरी है.

इधर, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में साफ कह दिया कि 2021 की जनगणना जाति आधारित नहीं होगी. वे संसद में पूछे गए एक सवाल के जवाब में में बोल रहे थे. उन्होंने कहा नित्यानंद राय का कहना है कि संविधान के मुताबिक लोकसभा और विधानसभा में जनसंख्या के अनुपात में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए सीटें आरक्षित हैं. उन्होंने कहा, ‘महाराष्ट्र और ओडिशा की सरकारों ने आगामी जनगणना में जातीय विवरण एकत्रित करने का अनुरोध किया है. भारत सरकार ने नीतिगत मामले के रूप में फैसला किया है कि अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के अतिरिक्त कोई जातीय जनगणना नहीं होगी.’

बहरहाल, इसे लेकर अब बिहार में सियासत तेज हो गई है. विपक्ष की ओर से बयानबाजी होने लगी है. आरजेडी के अलावा जेडीयू ने भी फिर से अपनी मांग को दोहराया है. जेडीयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा है कि जातीय जनगणना जरूरी है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी जातीय जनगणना की मांग दोहरायी है. जबकि, जाप सुप्रीमो पप्पू यादव ने भी इसे लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तंज कसा है.