डेयरी कारोबार को समझने का पटना में बेहतरीन मौका, एक जगह जुटेंगे देश-विदेश के हजारों लोग

लाइव सिटीज, फुलवारी शरीफ से अजीत : शुक्रवार को इंडियन डेयरी एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ जी एस राजौरिया ने पटना डेयरी प्रोजेक्ट सुधा डेयरी का दौरा किया. उन्होंने सुधा डेयरी के उत्पाद निर्माण को करीब से देखा और सराहा. डॉ जीएस राजौरिया ने बताया कि बिहार के पटना में इंडियन डेयरी एसोसिएशन का 3 दिन का सालाना कॉन्फ्रेंस होने जा रहा है. नेशनल डेयरी एसोसिएशन में रिसर्च, टीचिंग आदि अन्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए एक्सपर्ट की टीम लगातार देश भर के सम्मेलनों और दुग्ध उधोगों से जुड़े लोगों की मॉनिटरिंग करती है. इसी कार्यक्रम को पटना के बाद अगले साल कोच्चि में करने का कार्यक्रम है.

उन्होंने बताया कि 7 से 9 फरवरी को आयोजित इस कॉन्फ्रेंस में पटना के अशोका कांनवेंशन हौल में देश भर के हजारों किसानों का समागम होगा. डॉ राजौरिया ने पटना डेयरी सुधा परिसर में सुधा एमडी सुधीर कुमार के साथ बातचीत करते हुए बताया कि सीएम नीतीश कुमार 7 फरवरी को पटना के अशोका कौन्वेंशन कॉल में हो रहे सम्मेलन में मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत करेंगे. इसके लिए शुक्रवार को ही डॉ राजौरिया की मीटिंग मुख्यमंत्री नितीश कुमार के साथ हुई है जिसमे उन्होंने कार्यक्रम में शामिल होने की स्वीकृत भी दे दिया है.

इसमें देश विदेश के बड़ी संख्या में प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं. चार प्रकार के प्रतिभागी शामिल रहेंगे. जिसमे रिसर्च साइंटिस्ट , यंत्रों के प्रदर्शन लगाने वाले भी आयेंगे. उन्होने बताया कि इस कौन्फ्रेंस में इंटरनेशनल डेयरी फेडरेशन की जेनरल मैनेजर डॉ कैरोलिन एमण्ड कार्यक्रम का पहला भाषण देंगी. इंटरनेशनल डेयरी फेडरेशन में भारत भी एक सदस्य भी है. इंटरनेशनल डेयरी फेडरेशन की एक कमेटी की पटना में उस दौरान एक अलग से मीटिंग भी होगी.

इस समय भारत संसार मे 5 प्रतिशत ग्रोथ रेट से दूध का उत्पादन बढ़ा रहा है. उन्होंने बताया कि भारत में डेयरी का विकास में जिन लोगों का योगदान रहा है, उसपर विस्तार से सम्मलेन में चर्चा होगी. डॉ राजौरिया ने बताया कि भारत मे प्रति व्यक्ति दूध की आपूर्ति 376 ग्राम उपलब्ध कराया जा रहा है, जो यहाँ के किसानो और डेयरी उधोग के लिए बड़ी बात है. इस ग्रोथ रेट को जल्द ही वृद्धि कर ली जायेगी.

उन्होने बताया कि किसानों को आय कैसे दुगुनी हो इसपर चर्चा होगी. साथ ही इस सम्मलेन में एक्सपर्ट इस बात पर भी चर्चा करेंगे कि डेयरी और मिल्क प्रोडक्शन, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग समेत किसानों की आर्थिक मजबूती में क्या योगदान हो सकेगा. इन सभी बातों पर तीन दिन के सम्मेलन में 40 एक्सपर्ट लोग अलग अलग देशों से आएंगे. जिनमे ग्रीस, यूएसए ,नेपाल साउथ कोरिया, न्यूज़ीलैंड , चाइना समेत अन्य देश शामिल हैं.

डॉ राजौरिया ने बताया कि इसके अलावा दिल्ली में 2022 में वर्ल्ड डेयरी कॉन्फ्रेंस होगा. इससे पहले यह इण्डिया में 1974 में यह कार्यक्रम हुआ था. काफी सालों बाद हो रहे इस सम्मलेन से भारत को काफी उम्मीदें है.

इस मौके पर डॉ राजौरिया के साथ साथ मे नेशनल डेयरी अनुसंधान करनाल के निदेशक डॉ आर आर बी सिंह भी मौजूद रहे. डॉ राजौरिया ने डॉ आर आर बी सिंह की तारीफ करते हुए बताया कि इन्होंने 35 स्टूडेंट्स को विदेशों में भेजा है. जिनमे डेनमार्क और अमेरिका में कई स्टूडेंट्स रिसर्च में गये हैं. डॉ आर आर बी सिंह संजय गांधी डेयरी टेक्नोलॉजी के निदेशक भी रहे हैं.

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