बद से बदतर हो रही स्वास्थ्य व्यवस्था, बड़े राज्यों की सूची में सबसे नीचे बिहार : नीति आयोग

संकेतात्मक तस्वीर ( आभार - Hindustan Times )

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार में चमकी बुखार यानि की AES का कहर जारी है. अब तक इस बीमारी से प्रदेश में करीब 170 बच्चों की मौत हो गई है. इसी बीच नीति आयोग द्वारा राज्यों का स्वास्थ्य सूचकांक जारी किया गया है. स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाओं के मोर्चे पर पिछड़े बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और ओडिशा एक नयी तुलनात्मक रिपोर्ट में पहले से अधिक फिसड्डी साबित हुए हैं. जबकि केरल शीर्ष पर है.

नीति आयोग द्वारा मंगलवार को देशभर के राज्यों का स्वास्थ्य सूचकांक जारी किया गया. इसमें बड़े राज्यों में बिहार सबसे निचले पायदान पर रहा. इसके विपरीत हरियाणा, राजस्थान और झारखंड में हालात उल्लेखनीय रूप से सुधरे हैं. इस रपट में इन्क्रीमेंटल रैंकिंग यानी पिछली बार के मुकाबले सुधार के स्तर के मामले में 21 बड़े राज्यों की सूची में बिहार 21वें स्थान के साथ सबसे नीचे है. जबकि, उत्तर प्रदेश 20वें, उत्तराखंड 19वें और ओडिशा 18वें स्थान पर हैं.

रिपोर्ट के अनुसार संदर्भ वर्ष 2015-16 की तुलना में 2017-18 में स्वास्थ्य क्षेत्र में बिहार का संपूर्ण प्रदर्शन सूचकांक 6.35 अंक गिरा है. इसी दौरान उत्तर प्रदेश के प्रदर्शन सूचकांक में 5.08 अंक, उत्तराखंड 5.02 अंक तथा ओडिशा के सूचकांक में 3.46 अंक की गिरावट आयी है.

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यह रैंकिंग 23 संकेतकों के आधार पर तैयार की गयी है. इन संकेतकों को स्वास्थ्य योजना परिणाम (नवजात मृत्यु दर, प्रजनन दर, जन्म के समय स्त्री-पुरूष अनुपात आदि), संचालन व्यवस्था और सूचना (अधिकारियों की नियुक्ति अवधि आदि) तथा प्रमुख इनपुट / प्रक्रियाओं (नर्सों के खाली पड़े पद, जन्म पंजीकरण का स्तर आदि) में बांटा गया है. सूचकांक में सुधार के पैमाने पर हरियाणा का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा है. उसके 2017-18 के संपूर्ण सूचकांक में 6.55 अंक का सुधार आया है. उसके बाद क्रमश: राजस्थान (दूसरा), झारखंड (तीसरा) और आंध्र प्रदेश (चौथे) का स्थान रहा.

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