लाइव सिटीज, पटना : नेशनल एक्‍यूप्रेशर एसोसिएशन सह नेशनल इंस्‍टीच्‍यूट ऑफ अल्‍टरनेटिव मेडिसीन एंड रिसर्च सेंटर द्वारा आज राजधानी पटना के महाराजा कामेश्‍वर कॉम्प्‍लेक्‍स में पांचवें राष्‍ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया. इस सेमिनार का विधिवत उद्धाटन बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्‍ता मंत्री श्‍याम रजक और जनतांत्रिक विकास पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अनिल कुमार ने संयुक्‍त रूप से किया. इस मौके पर अपने संबोधन में श्‍याम रजक ने कहा कि वर्तमान समय में अधिकतर लोग किसी न किसी बीमारी से ग्रसित हैं. ऐसे में एक्‍यूप्रेशर चिकित्‍सा पद्धति को बढ़ावा देने से सबों को लाभ मिलेगा. यह पद्धति ज्‍यादा महंगा भी नहीं होता है. इसके अलावा इसमें दवाओं की भी जरूरत नहीं होती है. इसलिए यह पद्धति बढ़ावा देना समय की जरूरत है.

वहीं, जनतांत्रिक विकास पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अनिल कुमार ने भी एक्‍यूप्रेशर चिकित्‍सा पद्धति के लाभ पर प्रकाश डाला और कहा कि यह पद्धति काफी लाभकारी है और आसानी से इसका लाभ सभी उठा सकते हैं. जरूरत है इस पद्धति को लेकर लोगों में जागरूकता लाने की, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पद्धति से लाभान्वित हो सकें. इसके लिए जगह – जगह पर एक्‍यूप्रेशर चिकित्‍सा शिविर का आयोजन किया जाना चाहिए.

इससे पहले इस सेमिनार में तकरीबन 400 एक्‍यूप्रेशर चिकित्‍सकों ने भाग लिया, जिन्‍हें एसोसिएशन के अध्‍यक्ष डॉ विकास सिंह द्वारा एक्‍यूप्रेशर से प्राथमिक उपचार प्रधाली के बारे में विस्‍तार से बताया गया.

डॉ सिंह ने बताया कि एक्‍यूप्रेशर द्वारा अब रोजमर्रा की जिंदगी में होने वाली आम बीमारियों या अचानक से हुई घातक बीमारियों जैसे ब्रेन स्‍ट्रोक, हार्ट अटैक, जल जाना, कट जाना या किसी तरह के दर्द को हम रोगी के हाथों पर कलर लगाकर, बर्फ बीज आदि के द्वारा उपचार कर सकते हैं. एक्‍यूप्रेशर चिकित्‍सा पद्धति अब काफी विकसित हो चुका है और इसके माध्‍यम से किसी भी तरह के वायरल बीमारियों का उपचार किया जा सकता है.

एसोसिएशन की सचिव प्रिया प्रियदर्शनी ने भी रंग चिकित्‍सा के बारे में सेमिनार के दौरान विस्‍तार से चर्चा की. कार्यालय सचिव नम्रता और कोषाध्‍यक्ष सुनील प्रसाद ने भी अपने वक्‍तव्‍य रखे. वहीं कार्डियोलॉजिस्‍ट डॉ विजय कुमार ने भी इस चिकित्‍सा प‍द्धति को असरदार बताया. सेमिनार में मंच का संचालन ओ पी शर्मा ने किया. वहीं, इस आयोजन में एसोसिएशन के सदस्‍य अरूण सिंह, किरण कुमारी, रेखा, सुजाता, निखिल, मंतोष, रूबी, सोनी आदि लोगों ने अपना महत्‍वपूर्ण योगदान दिया.