एनडीआरएफ ने सर्पदंश पीड़ित लड़के को रात में किया रेस्क्यू, अब तक 11,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: विगत सोमवार/मंगलवार की रात 9वीं वाहिनी एनडीआरएफ की पूर्वी चम्पारण जिले के मोतिहारी में तैनात टीम सूचना मिलते ही त्वरित कार्यवाही करके जिले के बंजरिया प्रखण्ड में स्थित बाढ़ प्रभावित सिसवनिया गांव से एक सर्पदंश पीड़ित लड़का को रेस्क्यू कर सुरक्षित अस्पताल तक पहुंचाने में मदद किया. 9वीं बटालियन एनडीआरएफ के कमान्डेंट विजय सिन्हा ने बताया कि जिला प्रशासन पूर्वी चम्पारण द्वारा 03 अगस्त को रात लगभग 10.30 बजे मोतिहारी में तैनात एनडीआरएफ के टीम कमान्डर बिरेन्द्र कुमार राठौड़ को बूढ़ी गंडक नदी बाढ़ प्रभावित गांव सिसवनिया में एक सर्पदंश पीड़ित के बारे में सूचना मिली.

एनडीआरएफ की टीम त्वरित कार्यवाही करते हुए सहायक उप निरीक्षक जितेन्द्र सिंह के नेतृत्व में 02 मोटर बोटों की मदद से रात के अंधेरे में 04 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करके सिसवनिया गांव पहुंची. एनडीआरएफ के बचावकर्मियों ने सर्पदंश पीड़ित 17 वर्षीय लड़का कौशिक आलम, पिता- रियाज़ आलम के बाढ़ प्रभावित गांव पहुंचकर उनके परिवार के सदस्यों के साथ सुरक्षित तरीके से भोला चौक, बंजरिया पहुंचाया.



इस दौरान रास्ते में पीड़िता को सांत्वना देने का काम भी एनडीआरएफ के बचावकर्मी करते रहे. भोला चौक पर जिला प्रशासन मोतिहारी द्वारा पहले से ही एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई थी. तत्पश्चात बिना समय गंवाये देर रात एम्बुलेंस की मदद से पीडित लड़के को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बंजरिया पहुंचाया गया. प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़ित की स्थिति सामान्य बताया गया है.

कमान्डेंट विजय सिन्हा ने बाढ़ प्रभावित इलाके में रहने वाले लोगों को सर्प से बचने की सलाह दिया. उन्होंने कहा कि रात के अंधेरे में टॉर्च लाइट का इस्तेमाल जरूर करें. यदि किसी व्यक्ति को सांप काट लेता है तो उस पीड़ित व्यक्ति को जितनी जल्दी हो सके नजदीकी अस्पताल पहुंचाए. रूढ़िवादी परम्परा के तहत स्थानीय तांत्रिक, मंत्र आदि के चक्कर में कदापि ना पड़े. पीड़ित व्यक्ति को ज्यादा चलने या हरकत करने से रोकें. साथ ही, सर्पदंश पीड़ित व्यक्ति को डराएं नहीं बल्कि उसे लगातार सांत्वना दें.

कमान्डेंट विजय सिन्हा ने आगे जानकारी दिया कि अब तक बिहार राज्य के बाढ़ प्रभावित जिलों में प्रशासन के सहयोग से रेस्क्यू ऑपेरशन चलाकर एनडीआरएफ के बचावकर्मियों ने ग्यारह हजार से अधिक बाढ़ आपदा में फंसे लोगों को रेस्क्यू करके सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया है. मंगलवार को मुख्यरूप से एनडीआरएफ टीमों द्वारा सारण जिले के तरैया और पानापुर प्रखण्ड के अन्तर्गत बाढ़ प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़-बचाव ऑपेरशन चलाया गया.