मंडल आयोग की सिफारिशों को पूर्णता से लागू करने की जरूरत, पिछड़े वर्गों में बढ़ रहा आक्रोश: चन्दापुरी

पटना : देश में मंडल आयोग की सिफारिशों को पूर्णता से लागू करने की आवश्यकता है. इसके लिए इसकी राह में आने वाली कानूनी अड़चनों को दूर किया जाना चाहिए. इस आशय का एक पत्र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ द्वारा भेजा गया है. इसकी जानकारी संघ के द्वारा आयोजित वर्चुअल कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष इन्द्र सिंह चन्दापुरी ने दी है.

उन्होंने कहा कि मंडल आयोग की सिफारिशों को पूरी तरह से लागू नहीं किये जाने से पिछड़े वर्गों में काफी आक्रोश है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सरकारी नौकरियों में तथा विकास के दौर में पीछे रह गए पिछड़े, अति पिछड़े व वंचित जातियों के लिए योजनाएं बनाने तथा आबादी के अनुसार आरक्षण के कोटा को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से जाति आधारित जनगणना कराने हेतु दूसरी बार विधानसभा से प्रस्ताव पारित करा कर भेजा है. साल 2019 में तत्कालीन गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी लोकसभा में बताया था कि 2021 में ओबीसी की जनगणना की जाएगी.



कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए चन्दापुरी ने बिहार की स्थिति पर चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा कि विकास के साथ बाढ़ – सुखाड़ एवं गरीबी पर नियंत्रण करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग केंद्र सरकार से बार-बार की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसपर शीघ्र ध्यान देना चाहिए.

उन्होंने राजनीति में घटते मूल्यों पर भी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि यह सोना पैदा करने की खान एवं एक व्यवसाय बन गया है. आज देश पर 88.16 लाख करोड़ रुपए विदेशी कर्ज है जिससे केवल 121 अरबपतियों की जेबें भरी हैं. इसपर भी केंद्र सरकार को नियंत्रण करना चाहिए.

इस वर्चुअल सम्मेलन में संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ एम् ए खान, महाराष्ट्र अध्यक्ष प्रदीप ढोबले, झारखंड अध्यक्ष वसंत चौहान, राष्ट्रीय महासचिव सह झारखंड प्रभारी सुशील कुमार सिंह, बिहार के कार्यकारी अध्यक्ष जितेंद्र कु. चंद्रवंशी, उत्तर प्रदेश प्रभारी हरीश गंगवार, युवा मोर्चा बिहार अध्यक्ष ओम प्रकाश यादव , यूपी युवा मोर्चा अध्यक्ष श्याम जी, झारखंड महासचिव रामदेव विश्वबंधु, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष कासिम खान, तमिलनाडु अध्यक्ष दिनेशन आजाद, श्रीमती सुनीता पाटिल, सचिव अशोक सिंह पटेल, अलप भाई पटेल, के एस कटियार समेत संघ एवं कई संगठनों के प्रमुख संचालक गण मौजूद रहे.