बिहार में सुई की फैक्ट्री तक नहीं खोले नीतीश, हां तबादले का उद्योग जरूर लगा दिया

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: बिहार में चुनावी साल है. अगर सब कुछ सामान्य रहा तो साल के अंत में विधानसभा चुनाव होगा. चुनाव की वजह से सूबे में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है. वार- पलटवार का दौर शुरू हो गया है. विपक्ष लगातार सत्ता- पक्ष को घेर रही है और उन्हें सवालों के कठघरे में खड़ा कर रही है. इसी बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर सीएम नीतीश पर निशाना साधा है.

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर बड़ा हमला बोला है.  बिहार सरकार के द्वारा राजस्व और भूमि सुधार विभाग में तकरीबन 255 अंचलाधिकारी समेत 400 अधिकारियों के तबादले पर रोक लगा दिए जाने के बाद तेजस्वी यादव ने कहा है कि सरकार ने बिहार में तबादला उद्योग लगा दिया है. उन्होनें कहा कि अभी- अभी जून महीने में सबसे बड़ा तबादला घोटाला हुआ है.



तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर लिखा है कि  15 वर्षों में नीतीश कुमार और बीजेपी ने बिहार में एक सुई का भी कारख़ाना नहीं लगवाया. कोई इंडस्ट्री नहीं. लेकिन हां! तबादला उद्योग ज़रूर लगाया है. अभी जून महीने में सुशासन बाबू के आशीर्वचन और पावन सानिध्य में सबसे बड़ा तबादला घोटाला हुआ ताकि जनादेश अपमान की लाज रखी जा सके.

तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि इस सरकार में Capability, Compatibility और performance कोई मापदंड नहीं है. जो जितना चढ़ावा चढ़ाएगा उसे मनवांछित पोस्टिंग मिलेगी. मैं बिहार के सभी योग्य और प्रतिभाशाली अधिकारियों से आग्रह करता हूं कि इस भ्रष्ट सरकार की भ्रष्ट व्यवस्था का कड़ा विरोध किजीए. अगर योग्यता की जगह चढ़ावा पैमाना होगा तो धरातल पर कोई सकारात्मक विकास कार्य नहीं होगा. रिश्वत देकर पोस्टिंग पाने वाला कर्मचारी 100 फ़ीसदी भ्रष्टाचार करेगा. इसमें सीधा नुक़सान योग्य एवं ईमानदार कर्मचारी और जनता का है.

जून महीने में राजस्व भूमि सुधार, परिवहन, पथ निर्माण, भवन निर्माण, ग्रामीण विकास कार्य विभाग इत्यादि विभागों में तबादले के लिए बोली लगी है. अगर मुख्यमंत्री जी और उपमुख्यमंत्री जी में तनिक भी नैतिकता बची है तो ऐसे भ्रष्ट मंत्रियों का इस्तीफ़ा लीजिए. अन्यथा स्पष्ट है कि आप ऐसी भ्रष्ट परंपरा के संरक्षक है.

बता दें कि राजस्व व भूमि सुधार विभाग में 27 से 30 जून के बीच हुए 400 अधिकारियों के तबादलों पर रोक लगा दी गई है. इसमें 255 सीओ हैं. तबादलों में पैसे के लेनदेन की शिकायत पर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने रोक लगाते हुए शुक्रवार को कड़ा पत्र जारी किया. मुख्य सचिव ने विभाग से तबादलों की पूरी फाइल मुख्यमंत्री के सामने पेश करने का आदेश दिया. कहा कि अब जांच की जाएगी. मुख्यमंत्री अब इन तबादलों की फाइल खुद देखेंगे और उसके बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा.