सेनारी नरसंहार केस में पटना हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गयी नीतीश सरकार, देश के ये दो बड़े वकील रखेंगे सरकार का पक्ष

लाइव सिटीज,सेंट्रल डेस्क: सेनारी नरसंहार मामले में पटना हाईकोर्ट के फैसले का नीतीश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. सरकार की ओर से एसएलपी दाखिल कर दिया गया. सुप्रीम कोर्ट में देश के दो प्रख्यात वकील राज्य सरकार का पक्ष रखेंगे. अधिवक्ता वेणुगोपाल और तुषार मेहता सुप्रीम कोर्ट में सरकार का पक्ष रखेंगे. दोनों की गिनती देश का नामचीन अधिवक्ताओं में की जाती है. वेणुगोपाल ऑटर्नी जनरल ऑफ इंडिया और तुषार मेहता सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया है.

विधि विभाग के सचिव पीसी चौधरी ने इस संबंध में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजा है. पत्र में कहा गया है कि सेनारी हत्याकांड से संबंधित सर्वोच्च न्यायालय में दायर एस एल पी मामले में दो वरीय अधिवक्ता की सेवा ली जानी है. पत्र में कहा गया है कि इस मामले में राज्य सरकार वरीय अधिवक्ता के रूप में वेणुगोपाल अटॉर्नी जनरल ऑफ इंडिया और तुषार मेहता सॉलीसीटर जनरल ऑफ इंडिया की सेवा लेगी. सरकार इस शर्त के साथ सेवा लेने की सहमति प्रदान की है कि ये वरीय अधिवक्ताओं के शुल्क का भुगतान गृह और वित्त विभाग की सहमति से अपने स्तर यानी विधि विभाग करेगा.

बिहार के चर्चित सेनारी नरसंहार कांड में पटना हाईकोर्ट ने 22 मई  को निचली अदालत से दोषी ठहराए गए 15 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था. साथ ही सभी को तुरंत जेल से रिहा करने का आदेश दिया था. 18 मार्च 1999 को वर्तमान अरवल जिले (तत्कालीन जहानाबाद) के करपी थाना के सेनारी गांव में 34 लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई थी. आरोप प्रतिबंधित एमसीसी उग्रवादियों पर लगा था.

मामले में पटना हाईकोर्ट की दो सदस्यीय खंडपीठ के न्यायामूर्ति अश्वनी कुमार सिंह और न्यायमूर्ति अरविंद श्रीवास्ताव ने सेनारी नरसंहार कांड की सुनवाई के बाद फैसला दिया था. पटना हाईकोर्ट से सेनारी नरसंहार के 15 आरोपियों को बरी किये जाने के बाद बिहार सरकार सुप्रीम कोर्ट गई है.