पटना के बेली रोड हादसे पर बोले सीएम नीतीश, देखना होगा ऐसी स्थिति क्यों हुई, लापरवाही भी देखेंगे

लाइव सिटीज पटना : पटना के बेली रोड पर बन रहे लोहिया चक्र पथ निर्माणाधीन के दौरान ही क्षतिग्रस्त हो गयी. मानसून की पहली बारिश को भी यह नहीं झेल पाया. इसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गंभीरता से लिया है. उन्होंने बातों ही बातों में संबंधित अधिकारियों को आगाह भी कर दिया कि विकास कार्यों में इस तरह की कोताही नहीं बरतें. कारण खोजें कि ऐसा क्यों हुआ. उन्होंने यह भी कहा कि यह चिंता की बात है कि ऐसी स्थिति उत्पन्न क्यूं हुई.

दरअसल मानसून की पहली मूसलधार बारिश से पटना पानी-पानी ही नहीं हुआ, बल्कि बेली रोड में सड़क भी बुरी तरह दरक गई है. यह सब हुआ बेली रोड पर बन रहे फ्लाई ओवर के निकट. निर्माणाधीन सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है. इसकी जानकारी मिलते ही पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी वहां पहुंचे और स्थल का निरीक्षण किया. इसके साथ मौके पर मौजूद अधिकारियों के कड़े निर्देश के साथ ही नसीहत भी दी.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने निरीक्षण के क्रम में कहा कि आप सब लोग देख रहे हैं कि यह नेहरु पथ है, जिसे लोग आज भी बेली रोड के नाम से जानते हैं. अंग्रेजों के जमाने में ही यह सड़क बनायी गई थी. यह सड़क लगभग 100 साल पुरानी है. इसका चौड़ीकरण भी हुआ है. इसके ड्रेनेज पर भी काम किया गया है. इस सड़क पर ट्रैफिक की बहुलता को देखते हुए आईआईटी के विशेषज्ञों ने अध्ययन करके पथ चक्र बनाने की सलाह दी थी. उन्होंने कहा कि चूंकि यहां से साइड में कई सड़कें खुलती हैं और ट्रैफिक कई जगहों पर बाधित होती है, उसका एक मात्र उपाय था पथ चक्र. इसी को लेकर ‘लोहिया पथ चक्र’ और उस पर राज्य सरकार के पथ निर्माण विभाग ने काम करना प्रारंभ कर दिया.

उन्होंने कहा कि मेट्रो रेल के एलाइनमेंट के साथ बनने वाले लोहिया चक्र पथ के तालमेल को भी ध्यान में रखा गया है. इसके अलावा ड्रेनेज और सीवरेज की प्रॉब्लम को देखकर इसका डिजाइन तैयार किया गया है. उसी के हिसाब से काम चल रहा था. लेकिन जिस ढंग से रात में वर्षा हुई और उसके बाद जो यह हादसा हुआ है, तो इसकी पूरी समीक्षा की जायेगी. यूं तो सड़क को री-स्टोर करने के लिए विभाग अपना काम करेगी, लेकिन ऐसी स्थिति उत्पन्न क्यूं हुई, इसके लिए सिर्फ यही नहीं कि सिर्फ साइड के पानी से ही ऐसा हो गया होगा. क्षतिग्रस्त होने के हर पहलू पर ध्यान देना होगा. ग्राउंड वाटर लेवल को भी देखना होगा.

मुख्यमंत्री ने यह कहा कि इस घटना ने एक तरह से सचेत भी कर दिया है. अभी तो यहां खुदाई चल रही थी और इनको यहां एलिवेटेड रोड बनाना था. वैसी स्थिति में अगर ऐसा हो गया तो कम से कम इसने एक तरह से आगाह भी कर दिया और सचेत भी कर दिया है. उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि इस सड़क की और नीचे तथा गहराई से अध्ययन किया जाए. इसकी गहन समीक्षा हो. बनाये गये प्रोजेक्ट को भी फिर से देखने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि छोटी सी जगह पर जब ऐसी घटना घट गई, तो आगे भी इसकी गहन समीक्षा करके ही काम करना चाहिए. सड़क तो बहुत पुरानी है और कभी भी इस तरह की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई है. वर्षा तो पहले भी हुई है और इससे कई गुना अधिक हुई है. लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ है.

उन्होंने कहा कि इसे लेकर लोहिया चक्र पथ बनानेवाले विशेषज्ञों के साथ मेट्रो रेल के एक्सपर्ट को भी बुलाया जाएगा. उनलोगों के साथ पूरे बेली रोड का अध्ययन किया जाएगा ताकि भविष्य में इस तरह की घटना नहीं हो. उन्होंने चेतावनी के साथ ही नसीहत भरे शब्दों में कहा कि एलिवेटेड रोड बनाने के सिलसिले में जो काम चल रहा था, उसमें अगर एक दिन की वर्षा से ऐसी बात हो गई, तो यह जानने और समझने का विषय है. उन्होंने कहा कि लापरवाही अगर हुई होगी, तो सारे वरीय अधिकारी लोग हैं उस चीज को भी देखेंगे. लेकिन हर हाल में लोगों को कठिनाई नहीं होनी चाहिए.

मौके पर पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव यादव के अलावा मुख्य सचिव दीपक कुमार, डीजीपी केएस द्विवेदी, प्रधान सचिव नगर विकास एवं आवास चैतन्य प्रसाद, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, प्रमंडलीय आयुक्त आनंद किशोर, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार, पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष जीतेंद्र श्रीवास्तव, बिहार राज्य पथ विकास नगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संजय अग्रवाल, आईजी नैय्यर हसनैन खां, डीआइजी राजेश कुमार, पटना डीएम कुमार रवि, एसएसपी मनु महाराज समेत अन्य वरीय अधिकारी मौजूद थे.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*