रामकथा वेबिनार में गूंजे बिहार के लोकगीत, नीतू कुमारी नवगीत ने बांधा समां

पटना/ मुंबई: साहित्यिक सांस्कृतिक शोध संस्था, मुंबई के तत्वावधान में रामकथा का विश्व संदर्भ विषयक अंतरराष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया. जिसमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ प्रकाश मणि त्रिपाठी ने कहा कि रामचरितमानस के हर प्रसंग में जीवन दृष्टि छुपी हुई है, जिसे ग्रहण करके हम अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं.

उन्होंने कहा कि प्राचीन काल में हमारे देश के ऋषि मंत्रद्रष्टा होते थे. उनके आश्रम शिक्षा के केंद्र तो होते ही थे, ज्ञान-विज्ञान और अनुसंधान के केंद्र भी थे. प्राचीन भारतीय मनीषी परंपरा की अच्छी बातें और संस्कारों को ग्रहण करके हम अपने देश की शिक्षा प्रणाली को और बेहतर बना सकते हैं. वेबिनार में बिहार की लोक गायिका नीतू कुमारी नवगीत ने रसूल मियां रचित दमकता जगमगाता है अनोखा राम का सेहरा है, राम के सिर पर विजय प्रणाम का सेहरा और सिया जी के सिंदूरदान का गीत झिर झिर बुनिया कहवॉ से सिया दुलहिनिया सहित अनेक लोक गीत पेश किए.



आशा तिवारी ओझा ने राम-सीता विवाह के दौरान मिथिला की नारियों द्वारा चारों भाइयों की खिंचाई से संबंधित लोकगीत गाए. कार्यक्रम के दौरान मगध विश्वविद्यालय के विनय कुमार भारद्वाज, साठवें महाविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह, उत्तर प्रदेश मंडल ऑफ कैलिफोर्निया की नीलू गुप्ता, कुमारी मोनी, डॉ विजयवार, निरंजन राज्यगुरु, अमिता टंडेल, अशोक सिन्हा, मांडवी मिश्रा, नीलिमा तिवारी, स्वामी निगमानंद, अनुजा तिवारी, डॉ किरण बाला आदि उपस्थित रहे.